कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के हर नागरिक तक सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बजट घोषणाओं, मुख्यमंत्री घोषणाओं और सरकार के संकल्प पत्र में किए गए वादों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में बढ़ते भूजल स्तर के कारण पेयजल स्रोतों को दूषित होने से बचाने के लिए 446 वॉटर वर्क्स टैंकों को पारंपरिक ईंटों की लाइनिंग के स्थान पर आरसीसी लाइनिंग में बदला जाएगा। पहले चरण में वर्ष 2026-27 के दौरान हिसार, रोहतक, झज्जर, भिवानी और चरखी दादरी के 44 वॉटर वर्क्स टैंकों का यह कार्य शुरू किया जा रहा है।

बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की सीवरेज व्यवस्था तथा अपशिष्ट जल प्रबंधन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शोधित (ट्रीटेड) अपशिष्ट जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि जल संरक्षण को बढ़ावा मिले और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य प्रभावी ढंग से हासिल किए जा सकें।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, वहां नहरी पानी के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आधुनिक, टिकाऊ और प्रभावी जल प्रबंधन प्रणाली विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं को पारदर्शिता, जवाबदेही और तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि प्रदेश के लोगों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रधान सचिव पंकज यादव, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल, डॉ. राज नेहरू सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।