चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के डेयरी और सहकारिता क्षेत्र को नई गति देने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को चंडीगढ़ में सहकारी फेडरेशन, डेयरीफेड, वीटा, हरहित स्टोर, लेबरफेड और हाउसफेड समेत विभिन्न सहकारी संस्थाओं की समीक्षा बैठक में महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों, डेयरी कारोबार और वीटा नेटवर्क के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी समितियों के तहत पंजीकृत महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। साझा डेयरी योजना के तहत पंचायती जमीन पर डेयरी शेड बनाए जाएंगे और पशुओं की खरीद के लिए ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को दूध पर मिलने वाली 10 रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि जारी रहेगी, जबकि सहकारिता विभाग की ओर से दी जाने वाली मौसमी प्रोत्साहन राशि में भी 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। अब सर्दियों में 5 रुपये और गर्मियों में 7 रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही दूध की मार्केटिंग को बढ़ावा देने के लिए 3 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त सहायता देने की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुर्राह नस्ल की भैंस हरियाणा की पहचान है और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए महिलाओं के समूहों को डेयरी व्यवसाय से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 143 स्वयं सहायता समूह दूध बिक्री के लिए तैयार हो चुके हैं और जल्द ही इनके लिए आधुनिक डेयरी शेड तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर काम शुरू कराया जाएगा।

710 सहकारी समितियां हुईं ऑनलाइन

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 800 सहकारी समितियों में से 710 का ऑनलाइन पंजीकरण पूरा हो चुका है। सभी समितियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर शेयर ट्रांसफर जैसी सेवाएं शुरू की जाएंगी। साथ ही सीएम पैक्स को एम-पैक्स में बदलकर उनमें सीएससी, कैटल फीड, बीज, खाद, कीटनाशक सहित 33 प्रकार की सेवाएं शुरू करने की योजना पर भी तेजी से काम होगा।

वीटा नेटवर्क का होगा बड़ा विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 674 वीटा बूथ खोले जा चुके हैं। इसके अलावा 318 नए बूथ जल्द शुरू किए जाएंगे, जबकि 240 और बूथों की प्रक्रिया जारी है। यानी आने वाले समय में प्रदेश में वीटा बूथों की संख्या 1,200 से अधिक हो जाएगी। वर्तमान में सहकारी समितियों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 5 लाख लीटर दूध खरीदा जा रहा है। उन्होंने वीटा को घाटे से उबारने के लिए दूध से बनने वाले नए उत्पाद शुरू करने के निर्देश दिए और बताया कि जल्द ही वीटा आइसक्रीम का उत्पादन भी शुरू किया जाएगा।

बावल और अंबाला में बड़े डेयरी प्लांट

मुख्यमंत्री ने बताया कि बावल में 1.50 लाख लीटर क्षमता का दुग्ध प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जिसकी क्षमता चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन की जाएगी। अंबाला में भी 1.50 लाख लीटर क्षमता का नया प्लांट लगाया जाएगा। इसके अलावा हर जिले में 5 से 10 हजार लीटर क्षमता वाले 21 मिल्क चिलिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि हरियाणा रोडवेज के 75 बस अड्डों पर वीटा बूथ खोले जा चुके हैं। अब रेलवे स्टेशनों, पर्यटन स्थलों, ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों और सिविल अस्पतालों में भी जन औषधि केंद्रों की तर्ज पर वीटा बूथ खोले जाएंगे। साथ ही प्रदेश में 1400 हरहित स्टोर स्थापित किए जाएंगे और पंचायत स्तर पर 300 आईओसीएल स्थलों की पहचान की गई है।

चीनी मिलों और सहकारिता क्षेत्र के लिए भी निर्देश

मुख्यमंत्री ने सहकारी चीनी मिलों में पिराई अवधि 130 दिन करने और रिकवरी बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए। किसानों को ड्रिप सिंचाई के माध्यम से अधिक गन्ना उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कैथल चीनी मिल में उच्च गुणवत्ता का गुड़ तैयार करने तथा सरकारी विभागों में चीनी के पाउच के उपयोग को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि हरकोफेड गरीब परिवारों को 7 प्रतिशत ब्याज पर 12.50 लाख रुपये तक का आवास ऋण उपलब्ध करा रहा है और अब तक 21 हजार से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिल चुका है। साथ ही सहकारी संस्थाओं में खरीद किए गए ट्रैक्टर, कृषि उपकरणों और अन्य संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने तथा सभी वित्तीय लेन-देन को ऑनलाइन करने के निर्देश भी दिए।