करनाल में शिक्षा मंत्री ने वैश्विक संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस की चुनावी रणनीतियों पर जमकर निशाना साधा।
लक्ष्य वर्मा, करनाल। प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने देश और राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों पर खुलकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक संकट को लेकर देश की जनता से जो अपील की है, वह बेहद महत्वपूर्ण है। जब भी दुनिया में कोई बड़ा संकट आता है, तो हर देश अपनी परिस्थितियों के अनुसार एक मजबूत योजना तैयार करता है। उन्होंने याद दिलाया कि कोरोना काल के मुश्किल समय में भी प्रधानमंत्री की अपील को देशवासियों ने पूरी निष्ठा से माना था, जिसका परिणाम यह रहा कि खुद को विकसित कहने वाले बड़े-बड़े देशों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी, जबकि भारत सुरक्षित रहा। देश के लोग आज भी प्रधानमंत्री की बात को समझ रहे हैं और जितनी आवश्यकता है, उसी के अनुरूप हर चीज का ध्यान रख रहे हैं।

हुड्डा और मनोहर लाल की बयानबाजी पर दी प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह देने के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री ने बहुत ही सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल जी ने हुड्डा जी के लिए जो भी बातें कही हैं, वह दो बेहद वरिष्ठ और बड़े राजनेताओं के बीच का आंतरिक विषय है; उस स्तर की बातचीत में हम जैसे बच्चों को बीच में कुछ भी नहीं बोलना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा गलत नीतियां अपनाई हैं और जनता के बीच अविश्वास का माहौल पैदा किया है। कांग्रेस नेताओं की सोच यह है कि लोग कुछ समझते नहीं हैं और वे जनता को नासमझ मानते हैं, जबकि असलियत यह है कि जनता सब कुछ बहुत अच्छी तरह जानती है। सही और गलत का सटीक निर्णय लेने की पूरी ताकत हमारे देश के लोगों में है, जिसका प्रदर्शन वे समय-समय पर कर चुके हैं।

राहुल गांधी और कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर कसा तंज
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और हरियाणा में कांग्रेस पार्टी को एकजुट करने के प्रयासों से जुड़े सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी एकजुटता की बात तो बहुत लंबे समय से कह रही है, लेकिन धरातल पर वे इसे करने के लिए कोई वास्तविक प्रयास नहीं कर रहे हैं। चुनाव के समय कांग्रेस नेताओं ने जिस तरह की भाषा का उपयोग किया और लोगों को जो कुछ भी बोला, उसे जनता ने बहुत करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा दिए गए जनादेश पर सवाल उठाना पूरी तरह से गलत है और लोगों पर कटाक्ष करना तो कांग्रेस के स्वभाव में ही शामिल है। चुनाव हारने के बाद वे अक्सर कहते हैं कि हमारे साथ वोटों की चोरी हुई है, जबकि असलियत में कोई चोरी नहीं हुई है; कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर जो काम किए हैं, यह उन्हें केवल उसी का स्वाभाविक परिणाम मिल रहा है।

