राकेश कथुरिया. हरियाणा सरकार द्वारा निराश्रित बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से विशेष योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र बच्चों को हर महीने 2300 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। इस बारे में जानकारी देते हुए अपराजिता ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से यह योजना लागू की गई है।
उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ 0 से 21 वर्ष तक के उन बच्चों को दिया जाता है, जो किसी कारणवश माता-पिता की देखभाल और सहायता से वंचित हो गए हैं। योजना के अंतर्गत प्रति बच्चा 2300 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि दी जाती है और अधिकतम दो बच्चों को इसका लाभ मिल सकता है।
डीसी ने बताया कि जिन बच्चों के पिता की मृत्यु हो चुकी है, पिता लंबे समय से लापता हैं, माता-पिता जेल में हैं या मानसिक एवं शारीरिक रूप से अक्षम हैं, वे इस योजना के लिए पात्र माने जाएंगे।
उन्होंने कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र, 100 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण पत्र, गुमशुदगी की पुलिस रिपोर्ट, कोर्ट से तलाक संबंधी दस्तावेज या दो वर्ष से अधिक कारावास का प्रमाण पत्र आवश्यक होगा।
इसके अलावा हरियाणा का स्थायी निवासी प्रमाण, राशन कार्ड, वोटर कार्ड, परिवार पहचान पत्र (PPP) और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने होंगे। परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
अपराजिता ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बच्चे के माता-पिता या अभिभावक किसी सरकारी पारिवारिक पेंशन का लाभ ले रहे हैं, तो वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
योजना का लाभ लेने के इच्छुक लोग अपने नजदीकी अंत्योदय सरल केंद्र, अटल सेवा केंद्र या सीएससी सेंटर पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
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