बराड़ा, अनिल शर्मा. मुलाना विधायक पूजा ने विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री से सवाल पूछते हुए प्रदेश में राजकीय अस्पतालों की जिला-वार संख्या,जहां कोविड-19 महामारी के दौरान बेड साइड पर ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए ऑक्सीजन संयंत्रों को लगाया गया था तथा वर्तमान में कार्यात्मक ऐसे ऑक्सीजन संयंत्रों की जिला-वार संख्या तथा गैर-कार्यात्मक ऑक्सीजन संयंत्रों की जिला-वार संख्या व इसके क्या कारण हैं और उन्हें कब तक कार्यशील किए जाने की संभावना को लेकर जानकारी मांगी।
विधायक पूजा के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी के दौरान राजकीय अस्पतालों में बेड साइड ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पीएम केयर्स, सीएसआर पहल आदि के माध्यम से 79 ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किए गए थे।वर्तमान में इनमें से 23 ऑक्सीजन संयंत्र कार्यात्मक स्थिति में हैं, जबकि 56 ऑक्सीजन संयंत्र गैर-कार्यात्मक हैं। गैर-कार्यात्मक ऑक्सीजन संयंत्र के संचालन में मैकेनिकल/टेक्निकल समस्याओं, स्पेयर पार्ट्स की आवश्यकता तथा सर्विस एवं मरम्मत से संबंधित लागत प्रमुख कारण हैं।
विधायक पूजा ने स्वास्थ्य मंत्री आरती राव द्वारा सदन में दी गई जानकारी पर मीडिया के माध्यम से बोलते हुए कहा कि आज सदन में सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं पर जानकारी से पता चलता है कि हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। सरकारी अस्पतालों में संसाधनों और व्यवस्थाओं की कमी का खामियाजा प्रदेश की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान जनता के टैक्स के पैसों से खरीदी गई ऑक्सीजन मशीनें आज स्पेयर पार्ट उपलब्ध न होने के कारण बंद पड़ी हैं।
विधायक ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन की आवश्यकता को देखते हुए सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च करके ऑक्सीजन से संबंधित मशीनें और उपकरण खरीदे थे। लेकिन आज यदि जरूरी स्पेयर पार्ट उपलब्ध नहीं होने के कारण ये मशीनें इस्तेमाल के लायक नहीं हैं, तो यह सरकार की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा, “जब मशीनों का रखरखाव और समय पर स्पेयर पार्ट उपलब्ध करवाने की व्यवस्था ही नहीं करनी थी, तो जनता के टैक्स के पैसों से ऐसी मशीनें खरीदी ही क्यों गईं? सरकार को इसका जवाब प्रदेश की जनता को देना चाहिए।
विधायक पूजा ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती हैं। अस्पतालों में उपलब्ध मशीनों और चिकित्सा उपकरणों को चालू हालत में रखना सरकार और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। केवल मशीनें खरीद लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका नियमित रखरखाव और जरूरत के समय उनका इस्तेमाल सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि बंद पड़ी ऑक्सीजन मशीनों की तत्काल जांच करवाकर आवश्यक स्पेयर पार्ट उपलब्ध करवाए जाएं और उन्हें जल्द से जल्द चालू किया जाए। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग में खराब पड़े अन्य उपकरणों की भी समीक्षा कर उन्हें दुरुस्त करवाया जाए, ताकि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
विधायक पूजा ने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीरता दिखानी चाहिए और जनता के टैक्स के पैसे से खरीदे गए हर उपकरण का पूरा उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए।
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