पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कैथल के खरोड़ी गांव में पंचायत और चरागाह भूमि पर फर्जी पंजीकरण के मामले में कृषि विभाग को गहन जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

कैथल। जिले के गांव खरोड़ी में पंचायत भूमि को लेकर ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ (MFMB) पोर्टल पर कथित फर्जीवाड़े का मामला अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की दहलीज पर पहुंच गया है। जस्टिस जगमोहन बंसल की अदालत ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कैथल के डिप्टी डायरेक्टर को पूरे मामले की विस्तृत जांच करने और कानून के अनुसार उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता गुरमीत सिंह द्वारा दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि गांव की चरागाह भूमि सहित अन्य पंचायत जमीनों को कुछ प्रभावशाली लोगों ने फर्जी तरीके से अपने नाम पर पोर्टल पर पंजीकृत करवा लिया है।

फर्जी काश्तकारों ने सरकारी योजना का उठाया नाजायज लाभ

याचिकाकर्ता के अनुसार, सरकार ने ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ योजना वास्तविक किसानों की पहचान करने और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसी सुविधाओं का लाभ देने के लिए शुरू की थी। हालांकि, खरोड़ी गांव में इस व्यवस्था का दुरुपयोग करते हुए फर्जी काश्तकार खड़े कर दिए गए। अदालत को बताया गया कि खेवट नंबर 685, 686 और 690 की जिस पंचायत भूमि को कभी लीज पर दिया ही नहीं गया, उस पर भी अवैध पंजीकरण किया गया। आरोप है कि फर्जी फसलें दर्शाकर दूसरे राज्यों से लाई गई उपज को खपाया गया और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया। शिकायतकर्ता ने पहले सीएम विंडो और जिला प्रशासन को भी शिकायतें दी थीं, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।

हाई कोर्ट ने कृषि विभाग को दिए सख्त निर्देश

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने 21 अप्रैल 2026 की एक जांच रिपोर्ट अदालत में पेश की, जिसमें कुछ सुधारात्मक कदम उठाने का दावा किया गया। हालांकि, याचिकाकर्ता के तर्कों और फर्जीवाड़े की गहराई को देखते हुए हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए डिप्टी डायरेक्टर, कैथल को स्पष्ट निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा उठाए गए हर बिंदु की गहनता से जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में सार्वजनिक भूमि का इस तरह दुरुपयोग न हो। इस आदेश के बाद अब कृषि विभाग को उन सभी पंजीकरणों की पड़ताल करनी होगी जिनके माध्यम से पंचायत भूमि पर अवैध रूप से सरकारी लाभ लेने की कोशिश की गई है।