मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में बैठक कर एचटेट परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा के दौरान धारा-163 लागू रहेगी।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में आगामी 4 और 5 जुलाई को आयोजित होने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा का आयोजन कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) की तर्ज पर पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें।
बुधवार को चंडीगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी आती है तो वह डायल-112 पर संपर्क कर सकता है। पुलिस तत्काल सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा परीक्षा की निगरानी के लिए बोर्ड मुख्यालय में कंट्रोल रूम तथा जिला एवं राज्य स्तर पर फ्लाइंग स्क्वॉड भी तैनात किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि पंचकूला, करनाल और कुरुक्षेत्र में अन्य प्रतियोगी परीक्षा होने के कारण जिन अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र दूसरे जिलों में बनाए गए हैं, उनके लिए नियमित बसों के साथ अतिरिक्त बसों की भी व्यवस्था की जाए ताकि किसी अभ्यर्थी को आवागमन में परेशानी न हो।
उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को प्रथम चरण में पीजीटी (लेवल-3) की परीक्षा दोपहर 3 बजे से 5:30 बजे तक होगी, जिसमें 238 परीक्षा केंद्रों पर 73,091 अभ्यर्थी शामिल होंगे। वहीं 5 जुलाई को सुबह 10 बजे से 12:30 बजे तक टीजीटी (लेवल-2) की परीक्षा 383 केंद्रों पर 1,19,141 अभ्यर्थियों के लिए आयोजित होगी। इसी दिन दोपहर 3 बजे से 5:30 बजे तक पीआरटी (लेवल-1) की परीक्षा 139 केंद्रों पर 41,062 अभ्यर्थी देंगे। इस प्रकार कुल 2,33,294 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जिनमें 1,66,137 महिला और 67,157 पुरुष अभ्यर्थी हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के बाहर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की जाए, ताकि बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक रहे। परीक्षा शुरू होने से तीन घंटे पहले आसपास की सभी फोटोस्टेट और प्रिंटिंग की दुकानें बंद करवाई जाएं। सभी परीक्षा केंद्रों पर 3 जुलाई तक सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह चालू कर दिए जाएं और उनकी कार्यक्षमता की जांच भी कर ली जाए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी तथा किसी भी अभ्यर्थी की तबीयत खराब होने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 2 घंटे 10 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना होगा ताकि बायोमेट्रिक सत्यापन, मेटल डिटेक्टर से जांच और अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी हो सकें। परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले केंद्र का प्रवेश द्वार बंद कर दिया जाएगा और किसी भी अभ्यर्थी को मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता निष्पक्ष, पारदर्शी और नकल मुक्त परीक्षा कराना है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को उनकी मेहनत का पूरा सम्मान मिल सके।

