कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा से ताल्लुक रखने वाले तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक (जीएस मलिक) को गुजरात पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मिल गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेहद भरोसेमंद अफसरों में गिने जाने वाले जीएस मलिक ने सोमवार को गांधीनगर में गुजरात के पुलिस महानिदेशक (DGP) का कार्यभार संभाल लिया। गुजरात सरकार ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को सुपरसीड करते हुए उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है।

मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले जीएस मलिक इससे पहले अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनात थे। उनकी पहचान एक फिट, फुर्तीले और राउंड द क्लॉक एक्टिव रहने वाले अधिकारी के रूप में होती है। कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रवैये और तेज फैसलों के कारण उनकी प्रशासनिक पकड़ मजबूत मानी जाती है।

जीएस मलिक पिछले साल उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे, जब उन्होंने अहमदाबाद में गुजरात के सबसे बड़े बुलडोजर एक्शन का नेतृत्व किया था। इस कार्रवाई में अवैध बांग्लादेशियों के गढ़ माने जाने वाले चंडोला झील इलाके में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाया गया था। इस एक्शन ने उन्हें सख्त और निर्णायक अफसर की पहचान दिलाई।

अब गुजरात पुलिस की कमान संभालने के बाद उनकी भूमिका और अहम मानी जा रही है। अभी तक 1992 बैच के डॉ. केएलएन राव इंचार्ज डीजीपी के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे थे, लेकिन सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए जीएस मलिक को स्थायी नेतृत्व सौंप दिया है।