हरियाणा सरकार ने सड़कों की मरम्मत और पारदर्शिता के लिए 'म्हारी सड़क' एप लॉन्च किया है। इसके माध्यम से नागरिक खराब सड़कों की लाइव फोटो और विवरण सीधे प्रशासन को भेज सकते हैं।

राकेश कथूरिया, कैथल। जिले में सड़कों की स्थिति को सुधारने और आमजन की समस्याओं के त्वरित निपटान के लिए प्रशासन ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। कैथल की जिला उपायुक्त (DC) अपराजिता ने ‘म्हारी सड़क’ एप के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब प्रदेश का कोई भी नागरिक खराब सड़कों, गड्ढों या टूटी हुई सड़कों की शिकायत सीधे सरकार तक पहुंचा सकता है। इस एप का मुख्य उद्देश्य सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में पारदर्शिता लाना और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करना है।

लाइव फोटो और GPS तकनीक से होगी निगरानी

‘म्हारी सड़क’ एप की कार्यप्रणाली को समझाते हुए डीसी अपराजिता ने बताया कि इस एप को विशेष रूप से आम जनता की सुविधा के लिए डिज़ाइन किया गया है। यदि किसी क्षेत्र की सड़क क्षतिग्रस्त है, तो नागरिक उस स्थान की लाइव फोटो एप पर अपलोड कर सकते हैं। एप की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह जीपीएस (GPS) से जुड़ा हुआ है, जिससे फोटो खींचते ही सड़क की सटीक लोकेशन और विभाग की जानकारी (जैसे PWD, HSVP या मार्केटिंग बोर्ड) स्वतः ही पोर्टल पर दर्ज हो जाती है। नागरिक अपनी समस्या का 50 शब्दों में संक्षिप्त विवरण भी दे सकते हैं।

समाधान की रिपोर्ट और सीधी फीडबैक व्यवस्था

प्रशासन ने इस व्यवस्था को केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसके समाधान पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है। डीसी ने स्पष्ट किया कि शिकायत के निपटारे के बाद संबंधित विभाग को एप पर ही समाधान की रिपोर्ट और फीडबैक फोटो अपलोड करनी होगी। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय की एक विशेष समीक्षा टीम सीधे शिकायतकर्ता से संपर्क कर समाधान की गुणवत्ता के बारे में पूछेगी। यदि कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया या लापरवाही बरती गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है डिजिटल सुविधा

यह एप गूगल प्ले स्टोर पर सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध है। सरकार का लक्ष्य है कि ‘म्हारी सड़क’ एप के माध्यम से प्रदेश की हर सड़क सुरक्षित और चलने योग्य बने। डीसी अपराजिता ने कैथल वासियों से अपील की है कि वे इस एप का अधिक से अधिक उपयोग करें ताकि प्रशासन के सहयोग से जिले की सड़कों को बेहतर बनाया जा सके। यह डिजिटल कदम न केवल आमजन को सशक्त बनाता है, बल्कि भ्रष्टाचार और कार्यों में देरी की गुंजाइश को भी पूरी तरह खत्म करने की दिशा में एक प्रभावी पहल है।