हिसार। पेट्रोल पंपों पर ₹2,000 से अधिक के यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन पर ₹5 मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन (AHPDA) ने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र भेजकर चेतावनी दी है कि यदि इस नियम से राहत नहीं मिली तो पूरे राज्य के पेट्रोल पंपों पर डिजिटल पेमेंट बंद कर केवल नकद लेन-देन से तेल दिया जाएगा।
2017 से नहीं बढ़ा कमीशन, ₹5 कटने से घाटे की आशंका
पेट्रोलियम डीलरों का कहना है कि वर्ष 2017 के बाद से तेल कंपनियों ने उनके कमीशन में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। वर्तमान में पेट्रोल पंप मालिकों को डीजल पर लगभग ₹2 प्रति लीटर और पेट्रोल पर करीब ₹3 प्रति लीटर का मार्जिन मिलता है। डीलरों के मुताबिक, कम मार्जिन के बीच ₹2,000 से अधिक के प्रत्येक यूपीआई भुगतान पर ₹5 कटने से उनका बचा-खुचा मुनाफा खत्म हो जाएगा और उन्हें अपनी जेब से नुकसान उठाना पड़ेगा।
छोटे और ग्रामीण पेट्रोल पंपों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
एसोसिएशन के अनुसार, यदि कोई ग्राहक ₹2,100 का पेट्रोल भरवाकर यूपीआई से भुगतान करता है, तो पंप मालिक को मिलने वाले मुनाफे में से सीधे ₹5 कट जाएंगे। इस व्यवस्था का सबसे बुरा असर गांवों और राजमार्गों (हाईवे) के किनारे स्थित छोटे पेट्रोल पंपों पर पड़ेगा। इन पंपों की दैनिक बिक्री पहले से कम होती है, ऐसे में डिजिटल भुगतान पर ₹5 की कटौती से उनका दैनिक मार्जिन घटकर पंप चलाना मुश्किल हो जाएगा।
हरियाणा में 4,469 पेट्रोल पंप, 57% सिंगल-ओनर डीलरशिप
ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (जिला हिसार) के प्रधान राजकुमार सलेमगढ़ के मुताबिक हरियाणा में इस समय कुल 4,469 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। इनमें से लगभग 2,547 पंप (57%) सिंगल-ओनर या इंडिपेंडेंट डीलरशिप पर आधारित हैं, जबकि बाकी बड़ी फ्रेंचाइजी या ब्रांड नेटवर्क का हिस्सा हैं। राज्य में सबसे अधिक पेट्रोल पंप गुरुग्राम (232), फरीदाबाद (166) और हिसार (146) जिले में स्थित हैं।
रोजाना 2.1 करोड़ लीटर ईंधन की बिक्री और 70% तक डिजिटल लेन-देन
औद्योगिक और कृषि-प्रधान राज्य होने के कारण हरियाणा में प्रतिदिन लगभग 1.2 करोड़ से 1.5 करोड़ लीटर डीजल और 50 लाख से 65 लाख लीटर पेट्रोल की खपत होती है। दोनों ईंधन मिलाकर रोजाना औसतन 1.7 करोड़ से 2.1 करोड़ लीटर बिक्री दर्ज की जाती है। राज्य के पेट्रोल पंपों पर हर दिन ₹150 करोड़ से ₹180 करोड़ रुपये का टर्नओवर होता है, जिसमें से 60% से 70% भुगतान डिजिटल माध्यमों से होता है।
रोजाना 10 से 15 लाख यूपीआई ट्रांजेक्शन
हरियाणा में पेट्रोल पंपों पर रोजाना करीब ₹90 करोड़ से ₹120 करोड़ का लेन-देन यूपीआई के माध्यम से होता है। कुल मिलाकर प्रतिदिन 10 लाख से 15 लाख यूपीआई ट्रांजेक्शन दर्ज किए जाते हैं। बड़ी गाड़ियों और फुल-टैंक ईंधन भरवाने के कारण इनमें से एक बड़ा हिस्सा ₹2,000 से ऊपर की श्रेणी में आता है, जिस पर ₹5 एमडीआर कटने की बात कही गई है।
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