चंडीगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हरियाणा और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक यमुना जल समझौता हुआ। हथनीकुंड बैराज का अतिरिक्त पानी अब पाइपलाइन से राजस्थान जाएगा।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। सालों से पानी को लेकर होने वाली चर्चाओं के बीच सोमवार को एक ऐसा फैसला हुआ, जिसे दोनों राज्यों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। केंद्र की मौजूदगी में हुए इस समझौते से अब अतिरिक्त पानी का बेहतर उपयोग करने का रास्ता खुल गया है।
बैठक में कई दौर की चर्चाओं के बाद दोनों राज्यों ने सहमति की मुहर लगाई। इस परियोजना का उद्देश्य बारिश के दौरान बेकार बह जाने वाले पानी को जरूरतमंद क्षेत्रों तक पहुंचाना है।
चंडीगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हरियाणा और राजस्थान के बीच यमुना जल परियोजना को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि जुलाई से अक्टूबर के बीच हरियाणा में होने वाली वर्षा का अतिरिक्त (सरप्लस) पानी हथनीकुंड बैराज से पाइपलाइन के माध्यम से राजस्थान पहुंचाया जाएगा, जहां इसका उपयोग पेयजल के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्यासे तक पानी पहुंचाना सभी की साझा जिम्मेदारी है और हरियाणा इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन में पूरा सहयोग देगा। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

