हरियाणा में पिछले कई दिनों से जारी सफाई और दमकल कर्मियों की हड़ताल अधिकारियों के साथ हुई सफल वार्ता के बाद फिलहाल स्थगित कर दी गई है।

रोहतक। हरियाणा में पिछले कई दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों और दमकल कर्मियों की हड़ताल आखिरकार अधिकारियों के साथ हुई लंबी बातचीत के बाद स्थगित हो गई है। कर्मचारियों के मुद्दों को लेकर वीरवार को रोहतक के सुखपुरा चौक स्थित कर्मचारी भवन में एक महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने की। बैठक में लिए गए निर्णय के बाद अब प्रदेश भर के सफाई और दमकल कर्मचारी अपने काम पर लौट आएंगे, जिससे जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

30 जून तक मांगों पर कार्रवाई का मिला भरोसा

प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने बताया कि इस राज्य स्तरीय बैठक में प्रदेश भर के लगभग 550 प्रतिनिधि शामिल हुए। करीब 3 घंटे तक चले गहन विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से हड़ताल को स्थगित करने का फैसला लिया गया। शास्त्री के अनुसार, सरकार की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया है कि उनकी सभी जायज मांगों पर 30 जून तक सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसी आश्वासन के आधार पर यूनियन ने फिलहाल अपने आंदोलन को रोकने का निर्णय लिया है। प्रशासन और कर्मचारियों के बीच बनी इस सहमति से नगर निकायों में ठप पड़े कामकाज फिर से सुचारू रूप से शुरू हो सकेंगे।

मांगें पूरी न होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी

हालांकि, कर्मचारी संघ ने सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम भी दिया है। नरेश शास्त्री ने कहा कि यदि सरकार अपने वादे के अनुसार 30 जून तक मांगों को पूरा नहीं करती है, तो कर्मचारी 1 जुलाई से दोबारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। इस बैठक में नगर पालिका कर्मचारी संघ के अलावा हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिणद और महिला विंग की पदाधिकारी भी मौजूद रहीं। सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि वे सरकार की कार्यप्रणाली पर नजर रखेंगे और तय समय सीमा के बाद भविष्य की रणनीति तय करेंगे।

विभिन्न कर्मचारी संगठनों का मिला समर्थन

रोहतक में हुई इस बैठक में सभी जिलों के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए, जिससे कर्मचारियों की एकजुटता साफ नजर आई। दमकल और सफाई कर्मियों के अलावा अन्य निकायों के कर्मचारियों ने भी अपनी मांगों को मजबूती से रखा। फिलहाल, प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन 30 जून की समय सीमा दोनों पक्षों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।