कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। रोज़गार की तलाश में सुबह-सुबह लेबर चौक पर खड़े होने वाले हजारों श्रमिकों की जिंदगी जल्द बदल सकती है। सरकार ऐसी तैयारी में जुटी है, जिससे काम की तलाश अब सड़क किनारे नहीं, बल्कि मोबाइल पर पूरी हो सकेगी। सबसे खास बात यह है कि इसमें बिचौलियों की भूमिका भी लगभग खत्म होने वाली है।

सोचिए, अगर किसी मजदूर को घर बैठे ही काम की सूचना मिल जाए, नियोक्ता सीधे उससे संपर्क कर सके और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी मोबाइल पर आ जाए तो तस्वीर कितनी बदल सकती है। हरियाणा सरकार अब इसी दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है।

दरअसल, हरियाणा के श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल विज ने जानकारी दी है कि राज्य में लेबर चौक सिस्टम को डिजिटल रूप देने के लिए जल्द “श्रममित्र” ऐप लॉन्च किया जाएगा। इस ऐप के जरिए श्रमिकों को घर बैठे रोजगार के अवसर मिलेंगे, जबकि नियोक्ता आसानी से कुशल और अकुशल श्रमिकों से जुड़ सकेंगे।

मंत्री के अनुसार, इस डिजिटल व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और श्रमिकों को सरकारी योजनाओं व कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी भी सीधे उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार का दावा है कि इससे रोजगार प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान बनेगी, जिसका सीधा फायदा लाखों श्रमिकों को मिलेगा।