पटना। बिहार में बाढ़ की विभीषण त्रासदी के बीच हरियाणा से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए पहुंचे एक सिख समाजसेवी के लंगर को रास्ते में ही लूट लिया गया। उपद्रवी भीड़ ने न सिर्फ राहत सामग्री के सारे फल लूट लिए, बल्कि सेवा करने आईं समाजसेवी की बेटियों के साथ भी धक्का-मुक्की की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पीड़ित समाजसेवी ने अपना गहरा दर्द बयां किया है।
सेवा के रास्ते पर अराजकता: कैसे हुई घटना?
हरियाणा के प्रसिद्ध सिख समाजसेवी सहज दुग्गल अपनी टीम ‘हर मैदान फतेह’ के साथ पिछले चार दिनों से बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार राहत सामग्री बांट रहे हैं। मंगलवार दोपहर को सहज अपनी बेटियों और टीम के साथ पटना के एक प्रभावित गांव में सेब, अमरूद, पपीता और अनार जैसे फल बांटने जा रहे थे।
रास्ते में कुछ बच्चे नजर आए तो उन्होंने गाड़ी रोककर उन्हें फल देने शुरू कर दिए। देखते ही देखते वहां करीब 100 लोगों की भीड़ जमा हो गई। पलक झपकते ही भीड़ ने राहत सामग्री से भरी ट्रॉली पर धावा बोल दिया और देखते ही देखते सारे फल लूटकर ले गए।
बेटियों से की गई बदसलूकी
सामने आए वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि फल लूटने वालों में केवल युवक ही नहीं, बल्कि महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल हैं। हर शख्स के हाथ में 4 से 5 किलो फल नजर आ रहे हैं। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह रही कि लोग हंस-हंसकर इस लूट को अंजाम दे रहे थे, जबकि मदद करने पहुंची टीम और सहज की बेटियां खुद को असहज महसूस कर रही थीं। जब भीड़ अनियंत्रित होने लगी और धक्का-मुक्की बढ़ने लगी, तो सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सहज ने अपनी बेटियों को तुरंत ट्रॉली से नीचे उतरने के लिए कहा।
हजारों के फल थे, सब बर्बाद कर दिया
घटना के बाद सहज दुग्गल ने बुधवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर अपना रोष और दुख प्रकट किया। वीडियो में वह भीड़ को ऐसा न करने की मिन्नतें करते नजर आए। उन्होंने लोगों से सवाल किया कि क्या आपदा के समय इस तरह की हरकत करना उन्हें शोभा देता है? सहज ने कहा कि वे हजारों रुपए के फल लेकर आए थे, जिसे कुछ चंद लोगों ने पल भर में लूटकर सब कुछ बर्बाद कर दिया। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर संकट की इस घड़ी में इंसानियत किस दौर से गुजर रही है।



