सिरसा। जम्मू-कश्मीर के राजौरी में देश की रक्षा करते हुए हरियाणा के सिरसा जिले के गांव कुत्ताबढ़ निवासी सेना के जवान सरदार सुखचैन सिंह शहीद हो गए। जवान के शहीद होने की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया, वहीं पूरे गांव और इलाके में शोक की लहर है।
सुखचैन सिंह की शहादत को लेकर सबसे भावुक करने वाली बात यह है कि उन्होंने अपने छोटे भाई सरबजीत सिंह से करीब 10 दिन बाद बेटे आकाशदीप के जन्मदिन पर घर आने की बात कही थी। परिवार को उनके घर लौटने का इंतजार था, लेकिन इससे पहले ही उनकी शहादत की खबर पहुंच गई। वीरवार दोपहर करीब एक बजे परिवार को सुखचैन सिंह के शहीद होने की सूचना मिली।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को शहीद सुखचैन सिंह का पार्थिव शरीर राजौरी से सिरसा एयरपोर्ट लाया जाएगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव कुत्ताबढ़ ले जाया जाएगा। यहां दोपहर करीब 12 बजे राजकीय सम्मान (State Honour) के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सुखचैन सिंह वर्ष 2015 में 27 सितंबर को सेना में भर्ती हुए थे। करीब 30 वर्षीय सुखचैन सिंह की शादी छह साल पहले निर्मल कौर से हुई थी। उनके परिवार में पत्नी के अलावा पांच वर्षीय बेटा आकाशदीप है। बेटे के जन्मदिन को लेकर परिवार में खुशी का माहौल बनने वाला था, लेकिन अब उसी घर में पिता के अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही है।
शहीद जवान के पिता बलविंदर सिंह का पहले ही निधन हो चुका है। उनकी माता अमर कौर हैं। जवान की शहादत की सूचना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
सुखचैन सिंह ने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्र के लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
शहीद की अंतिम विदाई के दौरान पूरा गांव गमगीन नजर आएगा।
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