संजीव, सोनीपत। हरियाणा खेल विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं, शिकायतों के समाधान और उपलब्ध शिकायत एवं सुझाव तंत्र के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इसमें हरियाणा के विद्यार्थी कल्याण समन्वयक नरेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं, शिकायतों व सुझावों पर चर्चा की।
विद्यार्थी कल्याण समिति की भूमिका बताई
नरेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को विद्यार्थी कल्याण समिति की भूमिका, संरचना और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समिति विद्यार्थियों की शैक्षणिक, प्रशासनिक और कल्याण संबंधी समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने और उनके समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से निर्धारित माध्यमों से अपनी समस्याएं रखने और शिकायत निवारण व्यवस्था का प्रभावी उपयोग करने की अपील की।
रोजगार और अनुभव के अवसरों की जानकारी
उन्होंने विद्यार्थियों को रोजगार और अनुभव के विभिन्न अवसरों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हरियाणा के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में भी काम करने और नए अनुभव हासिल करने के अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने सरकारी पहलों का लाभ उठाने तथा अपने कौशल और अनुभव का विस्तार करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
तीन भ्रमण परिपथों की दी जानकारी
नरेंद्र सिंह ने हरियाणा सरकार की ओर से विद्यार्थियों के लिए शुरू किए गए तीन भ्रमण परिपथों की जानकारी दी। इनमें थापली परिपथ, कलेसर परिपथ और कुरुक्षेत्र परिपथ शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन परिपथों का समन्वय विद्यार्थी कल्याण अधिष्ठाता द्वारा किया जाएगा और यह पहल 21 जुलाई से शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के लिए 3 से 4 दिन के भ्रमण का शुल्क करीब 1,500 रुपये और आवास शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है। यह सुविधा विद्यार्थियों को कम लागत पर उपलब्ध कराई जा रही है। इस पूरी व्यवस्था के लिए आवश्यक प्रबंध हरियाणा सरकार की ओर से किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के इस्तेमाल के लिए किया प्रेरित
विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित किया गया। नरेंद्र सिंह ने कहा कि इस माध्यम से विद्यार्थियों की शिकायतें और सुझाव सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच सकते हैं और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका समाधान किया जा सकता है। उन्होंने इसे अपनी तरह का पहला प्रयोग बताते हुए विद्यार्थियों से इस व्यवस्था का प्रभावी उपयोग करने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों ने रखीं समस्याएं और सुझाव
संवाद सत्र के दौरान नरेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों की समस्याएं सुनीं और उनके सवालों के जवाब दिए। उन्होंने विभिन्न समस्याओं के समाधान के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी भी दी। विद्यार्थियों ने अलग-अलग विषयों से जुड़ी अपनी समस्याएं और सुझाव उनके सामने रखे।
विश्वविद्यालय के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम का समन्वय विश्वविद्यालय के विद्यार्थी कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अशोक शर्मा ने किया। इस दौरान कुलसचिव जसविंदर सिंह, अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. योगेश चंदर, खेल निदेशक संजय सारस्वत, अधिष्ठाता खेल विज्ञान डॉ. जितेंद्र और वरिष्ठ खेल परामर्शदाता प्रो. आर.पी. गर्ग सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान की प्रक्रिया और संभावित उपायों पर चर्चा की तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कुलपति ने जताया आभार
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षण और प्रशिक्षण कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। संवाद सत्र के जरिए विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच सीधे संवाद को मजबूत करने तथा शिकायत निवारण व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक कुमार (सेवानिवृत्त आईपीएस) ने विद्यार्थियों के साथ संवाद के लिए नरेंद्र सिंह का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थी कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अशोक शर्मा ने नरेंद्र सिंह को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
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