हरियाणा सरकार ने वीटा बूथों को आधुनिक वीटा पार्लर्स में बदलने का निर्णय लिया है। ये केंद्र 24 घंटे खुलेंगे और यहाँ सस्ती दवाइयों से लेकर कैफे तक की सुविधा मिलेगी।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने सहकारिता विभाग के माध्यम से राज्य में बड़ा बदलाव करते हुए पारंपरिक वीटा केंद्र (Vita Booths) को आधुनिक वीटा पार्लर (Vita Parlors) में अपग्रेड करने का फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत वीटा पार्लर्स को सिर्फ दूध और डेयरी उत्पादों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इन्हें बहुउद्देश्यीय सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां लोगों को गुणवत्तापूर्ण वीटा और हैफेड उत्पादों के साथ सस्ती दवाइयां, आधुनिक कैफे जैसी सुविधाएं और 24 घंटे सेवाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।

सरकार की योजना के अनुसार, वीटा पार्लर्स को Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Pariyojana या अमृत फार्मेसी मॉडल से जोड़ा जाएगा, ताकि आम जनता को बाजार दरों की तुलना में 70 से 90 प्रतिशत तक सस्ती जेनेरिक और जीवन रक्षक दवाइयां मिल सकें। नए पार्लर्स 24 घंटे संचालित होंगे, जिससे लोगों को किसी भी समय दूध, डेयरी उत्पाद और जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी। इन केंद्रों में दूध, दही, लस्सी, पनीर, फ्लेवर्ड मिल्क, घी और काजू पिन्नी जैसे वीटा उत्पाद उपलब्ध रहेंगे, वहीं इन्हें आधुनिक कैफे की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।

योजना के पहले चरण में प्रदेश के सभी जिला नागरिक अस्पतालों में वीटा पार्लर खोले जा रहे हैं। इसके अलावा सरकारी कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक परिसरों में भी इनका विस्तार किया जाएगा, ताकि छात्रों और आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और सेवाएं एक ही स्थान पर मिल सकें।

सरकार ने इस नई नीति को रोजगार से भी जोड़ा है। इसके तहत प्रदेश के युवाओं और महिलाओं, खासकर महिला स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups-SHGs) को वीटा पार्लर संचालन का अवसर दिया जाएगा। इच्छुक आवेदक अपने संबंधित सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (Cooperative Milk Producers’ Union Limited) के कार्यालय में आवेदन कर सकेंगे।

आवेदन के लिए ₹500 शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि सामान्य वर्ग के आवेदकों को ₹1 लाख सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। हालांकि, महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और MMAPUY के तहत पात्र आवेदकों को सिक्योरिटी राशि में पूरी छूट देने का प्रावधान रखा गया है। सरकार का दावा है कि इस पहल से एक ओर आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं दूसरी ओर युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।