कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में आज ओबीसी आरक्षण पर सुनवाई हुई। ओबीसी आरक्षण पक्ष के वकीलों ने सभी तरह के आरक्षण के आधार को कोंटीफेविल डाटा बताया। कल दोबारा ढाई बजे मामले की सुनवाई होगी। 

हाईकोर्ट में ओबीसी आरक्षण पक्ष के वकीलों ने दलील देते हुए कहा कि ओबीसी सहित सभी तरह के आरक्षण का आधार जनसंख्या है न की कोंटीफेविल डाटा। ओबीसी आरक्षण को अधिक बताना  संवैधानिक प्रावधानों का खुला उल्लंघन है। एससी, एसटी और EWS आरक्षण लागू करने के पहले सरकारों ने डाटा की बात नहीं की फिर ओबीसी आरक्षण पर डाटा की बात करना गैर न्यायिक है। 

वकीलों ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का काम कानून के अर्थ को स्पष्ट करना है न की कानून बनाना। एससी, एसटी, ओबीसी और EWS मिलाकर आरक्षण 60% हो चुका है। EWS आरक्षण के चलते 50 प्रतिशत की सीमा पहले ही टूट चुकी है। हाईकोर्ट ने सभी तर्कों को गंभीरता से लेते हुए कल सुनवाई के लिए कहा है। 

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