हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत करीब 33.82 लाख मतदाताओं के नाम हटने का अनुमान है। इस प्रक्रिया का सबसे अधिक असर गुरुग्राम, बादशाहपुर, वल्लभगढ़ और फरीदाबाद जैसी विधानसभा सीटों पर पड़ने की संभावना है।
चंडीगढ़। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान करीब 33.82 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने की तैयारी है। यह संख्या राज्य के कुल मतदाताओं का करीब 16.38 फीसदी है। संभावित आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश की 23 विधानसभा सीटों पर 45 हजार से लेकर 1.79 लाख तक वोट कम हो सकते हैं।
इस पूरी प्रक्रिया का सबसे ज्यादा असर गुरुग्राम विधानसभा सीट पर पड़ने का अनुमान है, जहां करीब 1.79 लाख वोटरों के नाम कटने की बात सामने आई है। इसके बाद बादशाहपुर में करीब 1.76 लाख, वल्लभगढ़ में 1.01 लाख और फरीदाबाद में करीब 99 हजार वोटरों के नाम हटने का अनुमान है।
रिपोर्ट के मुताबिक, डिलावर विधानसभा क्षेत्र में करीब 7 फीसदी से लेकर कुछ क्षेत्रों में 29 फीसदी तक वोट कम होने का अनुमान है। वहीं, विधानसभा सीटों के लिहाज से वोट कटने वाले मतदाताओं की संख्या में भाजपा के प्रभाव वाली सीटें सबसे अधिक हैं। 23 सीटों में 16 सीटों पर भाजपा, 5 सीटों पर कांग्रेस और 2 सीटों पर निर्दलीय विधायक हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, 5 मंत्रियों की विधानसभा सीटें भी वोट कटने वालों की सूची में शामिल हैं। चुनाव आयोग की ओर से आज SIR की विस्तृत रिपोर्ट जारी किए जाने की संभावना है।
31 जुलाई तक दावा-आपत्ति का मौका
रिपोर्ट के अनुसार, 31 जुलाई को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी। इसके बाद मतदाताओं को अपने नाम और दावों को लेकर दावे-आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। बताया गया है कि 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे-आपत्तियां मांगी जाएंगी। इसके बाद 1 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाता सूची से नाम हटने या शामिल न होने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर नाम दोबारा जुड़वाने का अवसर भी रहेगा।


