हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 15 जून से राज्य में वोटर लिस्ट का स्पेशल रिविज़न शुरू होगा। यह अभियान 22 सितंबर को अंतिम सूची के प्रकाशन के साथ पूरा होगा।

चंडीगढ़। हरियाणा में मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और अपडेट करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर 15 जून से राज्यव्यापी स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) अभियान शुरू किया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बताया कि इस महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत राज्य के सभी 20,629 पोलिंग स्टेशनों पर तैनात बूथ-लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर नागरिकों का वेरिफिकेशन करेंगे। प्रदेश में अभी 2.06 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड वोटर हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट से मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और नए पात्र नागरिकों के नाम जोड़कर इसे सटीक, पारदर्शी और त्रुटि-मुक्त बनाना है।

11 तरह के दस्तावेजों से वेरिफिकेशन

वोटर वेरिफिकेशन को पुख्ता बनाने के लिए चुनाव आयोग ने 11 तरह के आधिकारिक दस्तावेजों को मंजूरी दी है, जिनसे नागरिक अपनी पात्रता साबित कर सकते हैं। इनमें सरकारी कर्मचारियों के पहचान पत्र, पेंशन पेमेंट ऑर्डर, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, और मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट शामिल हैं। इसके अलावा, मूल निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC), नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़न्स (NRC) में एंट्री, परिवार रजिस्टर और सरकारी जमीन या घर आवंटन प्रमाण पत्र भी मान्य होंगे। यदि किसी नागरिक का विवरण उपलब्ध रिकॉर्ड से वेरिफाई नहीं हो पाता है, तो उन्हें इन दस्तावेजों के माध्यम से अपनी जानकारी को सत्यापित करवाना होगा।

22 सितंबर को आएगी अंतिम लिस्ट

नागरिकों को BLO द्वारा दिए गए फॉर्म भरकर उन पर हस्ताक्षर करके वापस जमा करने होंगे। यदि कोई परिवार घर पर नहीं मिलता है, तो BLO दरवाजा के नीचे नोटिस और अपना संपर्क नंबर छोड़ देंगे। 21 जुलाई को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा, जिसके बाद 20 अगस्त तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। सभी आपत्तियों का निपटारा 18 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। अंततः, 22 सितंबर 2026 को हरियाणा की फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। राज्य में दो दशकों बाद इतना बड़ा वेरिफिकेशन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें राजनीतिक पार्टियों के बूथ-लेवल एजेंट भी पूरी पारदर्शिता के साथ सहयोग करेंगे।