हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत शुक्रवार शाम तक गणना प्रपत्र न देने वाले 34 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम प्रारंभिक वोटर लिस्ट से हटा दिए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया कि 31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली सूची में केवल हस्ताक्षरित प्रपत्र जमा करने वालों के नाम ही शामिल होंगे।
चंडीगढ़। हरियाणा में चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत शुक्रवार शाम तक बीएलओ के पास गणना प्रपत्र जमा न करने वाले मतदाताओं के नाम प्रारंभिक मतदाता सूची से बाहर कर दिए जाएंगे। इस प्रक्रिया के चलते राज्य के लगभग 34 लाख 2 हजार 917 मतदाताओं के नाम शुरुआती वोटर लिस्ट से हटना तय माना जा रहा है। 31 जुलाई को जारी होने वाली प्रारंभिक मतदाता सूची-2026 में केवल उन्हीं नागरिकों के नाम शामिल किए जाएंगे, जिनके हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र बीएलओ को प्राप्त हो चुके हैं।
राज्य में कुल 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 221 मतदाताओं को यह फॉर्म बांटे गए थे। इनमें से 1 करोड़ 72 लाख 49 हजार 753 (83.51 प्रतिशत) प्रपत्र बीएलओ के माध्यम से डिजिटाइज कर ऑनलाइन अपलोड किए जा चुके हैं। जो मतदाता फॉर्म ऑनलाइन भरना चाहते हैं, वे voters.eci.gov.in पोर्टल की मदद ले सकते हैं।
34 लाख नाम हटने का कारण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने जानकारी दी कि राज्य में करीब 16.47 प्रतिशत (34 लाख से अधिक) ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है जो स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके हैं, अनुपस्थित हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या फिर जिनके नाम दोहरी प्रविष्टि में दर्ज हैं। ऐसे लोगों की मतदान केंद्रवार सूची तैयार कर बीएलओ के जरिये राजनीतिक दलों के बीएलए को दे दी गई है, जो मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी देखी जा सकती है।
आपत्तियों पर सुनवाई और नोटिस
प्रारंभिक सूची में शामिल प्रविष्टियों का मिलान अभियान में मिली जानकारियों से किया जाएगा। यदि किसी रिकॉर्ड में कोई विसंगति या आपत्ति दर्ज होती है, तो संबंधित निर्वाचन पंजीयन अधिकारी या सहायक निर्वाचन पंजीयन अधिकारी द्वारा नागरिक को नोटिस भेजा जाएगा। निर्धारित तिथि पर सही दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने वाले पात्र लोगों के नाम ही 3 अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे।
फॉर्म-6 और फॉर्म-8 का विकल्प
जिन नागरिकों का गणना प्रपत्र बीएलओ के पास जमा नहीं हो सका है, वे 31 जुलाई से 30 अगस्त के बीच आवश्यक कागजातों के साथ फॉर्म-6 भरकर दोबारा नाम जुड़वाने का आवेदन कर सकते हैं। वहीं किसी जानकारी में संशोधन या पता बदलवाने के लिए फॉर्म-8 भरना होगा। यदि कोई व्यक्ति निर्वाचन पंजीयन अधिकारी के फैसले से संतुष्ट नहीं होता, तो वह 15 दिनों के भीतर जिलाधिकारी के समक्ष और जिलाधिकारी के फैसले के खिलाफ 30 दिनों में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास अपील दायर कर सकता है।


