हरियाणा में सुस्त पड़े मानसून के बीच मौसम विभाग ने 28 से 30 जुलाई के दौरान कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 27 जुलाई की रात से सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी टर्फ के प्रभाव से प्रदेश भर में मौसम का मिजाज बदलेगा।

चंडीगढ़। हरियाणा में पिछले कुछ समय से धीमी पड़ी मानसूनी गतिविधियों के बाद अब एक बार फिर मौसम बदलने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में 27 जुलाई की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे रहा है। इसके असर से बंद पड़ा मानसून 28 जुलाई से पुनः रफ्तार पकड़ेगा, जिससे राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना जताई गई है।

सामान्य से कम हुई बारिश

मौसम विशेषज्ञों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 25 जुलाई की अवधि के दौरान हरियाणा में औसतन 132.7 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस समय अवधि में सामान्य स्तर 175.4 मिलीमीटर रहता है। यानी प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। राज्य के कुल 23 जिलों में से केवल 7 जिलों में ही सामान्य या उसके करीब बारिश हुई है, जबकि शेष 16 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है।

जिलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो फरीदाबाद में सर्वाधिक 271 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 41 प्रतिशत अधिक है। इसके विपरीत जींद में 65 प्रतिशत, सिरसा में 61 प्रतिशत, पंचकूला में 49 प्रतिशत, कैथल में 46 प्रतिशत और हिसार में 34 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम

बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ ही 27 जुलाई की रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मानसून टर्फ वापस हरियाणा की ओर स्थानांतरित होगी।

मौसम विभाग ने 28 से 30 जुलाई के मध्य उत्तरी और पूर्वी जिलों जैसे पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल में भारी से बेहद भारी बारिश का अंदेशा जताया है। इसके अलावा सोनीपत, पानीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, पलवल और नूंह में हल्की से मध्यम व कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ सकती हैं। हिसार, सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और फतेहाबाद में बूंदाबांदी या हल्की वर्षा का पूर्वानुमान है।

तापमान में बढ़ोतरी और सावधानी की सलाह

मानसून टर्फ के राजस्थान की तरफ बने रहने से बीते सप्ताह हरियाणा व दिल्ली-एनसीआर में उमस भरा माहौल रहा। रविवार को प्रदेश के औसतन अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस का उछाल आया, जिसमें अंबाला में 37.2 डिग्री, हिसार व रोहतक में 36.3 डिग्री तथा भिवानी में 37 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पर्वतीय इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के आपस में टकराने से भूस्खलन और बादल फटने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। इसे देखते हुए आम नागरिकों को फिलहाल पहाड़ी क्षेत्रों की गैर-जरूरी यात्रा से परहेज करने का परामर्श दिया गया है।