चंडीगढ़। नर्सिंग स्टाफ पर दिए गए एक विवादित बयान को लेकर मचे भारी बवाल के बाद हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने मंगलवार देर रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा सीधे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) को भेजा है। इस इस्तीफे के बाद पिछले कई घंटों से चल रहा हाई वोल्टेज ड्रामा फिलहाल शांत होता नजर आ रहा है। रेणु भाटिया के एक बयान को लेकर पूरे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सों ने मोर्चा खोल रखा था।

चिट्ठी में जताया सीएम और खट्टर का आभार

रेणु भाटिया ने मुख्यमंत्री को भेजे अपने त्याग पत्र (Renu Bhatia Resignation Letter) में लिखा है कि उन्होंने पिछले साढ़े चार साल के कार्यकाल में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम किया है। इसके लिए वह पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) और मौजूदा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताती हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि वह आगे भी महिलाओं के सम्मान की लड़ाई लड़ती रहेंगी और भविष्य में सरकार जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे निभाएंगी। हालांकि, इस इस्तीफे को लेकर जब मीडिया ने उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।

बयान के विरोध में नर्सों ने खोल दिया था मोर्चा

दरअसल, रेणु भाटिया ने नर्सिंग स्टाफ को लेकर एक बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद हरियाणा नर्सिंग एसोसिएशन (Haryana Nursing Association Protest) भड़क उठी थी। मंगलवार को पूरे दिन प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया था। एसोसिएशन ने साफ चेतावनी दी थी कि अगर महिला आयोग की चेयरपर्सन माफी नहीं मांगती या इस्तीफा नहीं देती हैं, तो बुधवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने यह भी अल्टीमेटम दिया था कि मांग पूरी न होने पर गुरुवार को पूरे दिन के लिए चक्का जाम यानी पूरी तरह स्ट्राइक (Hospital Strike in Haryana) कर दी जाएगी।

इस्तीफे के बाद हड़ताल खत्म होने की उम्मीद

नर्सिंग एसोसिएशन के कड़े तेवरों और चौतरफा दबाव के आगे झुकते हुए आखिरकार रेणु भाटिया ने देर रात अपना पद छोड़ दिया। इस फैसले के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं दोबारा सामान्य हो जाएंगी। हालांकि, देर रात इस्तीफा होने के कारण हरियाणा नर्सिंग एसोसिएशन की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान (Haryana State Women Commission News) सामने नहीं आया है। इस पूरे घटनाक्रम ने हरियाणा की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।