वायु प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में दो दिसंबर तक ग्रैप-4 की पाबंदियां लागू रहेंगी। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि बस स्कूलों को प्रतिबंध से छूट रहेगी। इसका मतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में स्कूल हाइब्रिड मोड में चलते रहेंगे जैसा कि कमिशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने सिफारिश की थी।
प्रदूषण को लेकर दो दिसंबर को फिर सुनवाई होगी और उसमें फैसला लिया जाएगा कि प्रतिबंधों को आगे बढ़ाया जाए या फिर नहीं। यही नहीं, बैंच ने पंजाब सरकार को भी फटकार लगाई और कहा कि एक मीडिया रिपोर्ट कहती है कि राज्य के अधिकारी किसानों को कह रहे हैं कि वे शाम को चार बजे के बाद पराली जलाएं। ऐसा करने से वे सेटेलाइट की नजर में नहीं आएंगे।
बैंच ने कहा कि ऐसा करना गलत है और अदालत के आदेश की अवमानना है। अदालत ने कहा कि हमें प्रदूषण से निपटने के लिए कोई स्थायी समाधान ही निकालना होगा। बैंच ने कहा कि पंजाब सरकार अपने अधिकारियों को आदेश दे कि वे किसानों को ऐसी सलाह न दें कि चार बजे के बाद पराली जलाई जा सकती है। ऐसा करना आदेश का उल्लंघन है।

अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे आदेश का पालन करें। इसकी बजाय यदि वे पराली जलाने के लिए किसानों को दिमाग दे रहे हैं, तो यह गलत बात है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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