Karnataka High Court Supports Punishment similar to Muslim Countries: कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुस्लिम देशों (मिडिल ईस्ट) में अपराधियों को मिलने वाली सजा स्वरूप (पैटर्न) का समर्थन किया है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि अपराधियों में कानून का डर खत्म हो गया है। सख्ती से नहीं निपटने के कारण इन अपराधियों के लिए अपराध करना आसान हो गया है। कोर्ट ने कहा कि हमारे यहां लोकतंत्र है, इसलिए हर कोई इसे हल्के में लेता है। अगर किसी अपराधी का हाथ या पैर काट दिया जाए, तो शायद तभी लोगों को कानून का पालन करने की अहमियत समझ आएगी।

जस्टिस आर नटराज ने ये गंभीर टिप्पणी रेप के आरोपी  मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) मणिपाल के छात्र गोपी रेड्डी कार्तिक रेड्डी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए की। हाईकोर्ट ने युवक की जमानत याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी कर मामले की अगली सुनवाई आठ जून तक टाल दी है।

जस्टिस नटराज ने इस बात पर चिंता जताई कि मौजूदा कानूनों के तहत अपराधियों से सख्ती से निपटा नहीं जा रहा है। इससे सजा का रोकने वाला असर कमजोर हो गया है। कोर्ट ने कहा कि कानून ने अपनी ताकत खो दी है क्योंकि हम अपराधियों से सख्ती से नहीं निपटते। इसीलिए मिडिल-ईस्ट के उलट अपराध करना इतना आसान हो गया है। अगर आप हाथ या पैर काट देंगे, तभी शायद लोगों को कानून मानना ​​समझ आएगा।

जानें क्या है पूरा मामला

दरअसल ये पूरा मामला मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) मणिपाल का है। छात्र गोपी रेड्डी कार्तिक रेड्डी 5 अप्रैल से रेप के मामले में न्यायिक हिरासत में है। मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के स्टूडेंट पर उसकी क्लासमेट ने उसकी मर्जी के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया है। दोनों कुछ समय तक रिलेशनशिप में थे। बाद में महिला ने उसके कैरेक्टर पर शक होने के बाद उससे दूरी बना ली थी।

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