Business Desk – HDFC Bank Share Price : देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल HDFC Bank के शेयरों पर शुक्रवार को एक बार फिर दबाव देखने को मिला। अमेरिकी शेयरधारक लॉ फर्मों की ओर से बैंक के खिलाफ संभावित जांच शुरू किए जाने की खबर के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई। कारोबार के दौरान बैंक का शेयर करीब 1 फीसदी तक टूट गया।

हालांकि बाजार बंद होने तक इसमें कुछ रिकवरी आई, लेकिन शेयर फिर भी गिरावट के साथ बंद हुआ। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि यह मामला आगे किस दिशा में बढ़ता है और इसका बैंक के शेयर पर कितना असर पड़ता है।

अमेरिका में क्यों शुरू हुई HDFC Bank की जांच?

अमेरिका की तीन प्रमुख शेयरहोल्डर लॉ फर्मों Glancy Prongay Murray LLP, The Law Office of Frank R. Cruz और The Law Offices of Howard G. Smith ने HDFC Bank के खिलाफ अमेरिकी फेडरल सिक्योरिटीज कानूनों के संभावित उल्लंघन की जांच शुरू करने की घोषणा की है।

इन फर्मों का कहना है कि वे यह पता लगा रही हैं कि क्या बैंक ने निवेशकों को ऐसी जानकारी दी जो भ्रामक थी या फिर ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई गईं जिनका खुलासा किया जाना चाहिए था। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि कहीं अमेरिकी फेडरल सिक्योरिटीज कानूनों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।

ADRs लिस्टेड होने की वजह से अमेरिका के कानून लागू

HDFC Bank के American Depositary Receipts (ADRs) न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) में सूचीबद्ध हैं। इसी वजह से बैंक पर अमेरिकी सिक्योरिटीज कानूनों के तहत निवेशकों को समय-समय पर सही और पूरी जानकारी देने की जिम्मेदारी लागू होती है। यही कारण है कि अमेरिकी लॉ फर्में इस मामले में संभावित निवेशक हितों की जांच कर रही हैं।

किस रिपोर्ट के बाद शुरू हुई जांच?

तीनों लॉ फर्मों ने अपने नोटिस में 27 मई को प्रकाशित The Indian Express की एक रिपोर्ट का हवाला दिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि HDFC Bank ने अपने मार्केटिंग विभाग के जरिए किए गए कुछ भुगतानों को लेकर आंतरिक विजिलेंस जांच कराई थी।

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) को अधिक ब्याज देने के लिए 45 करोड़ रुपए को मार्केटिंग खर्च के रूप में दिखाया गया। हालांकि यह आरोप मीडिया रिपोर्ट पर आधारित हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

रिपोर्ट के बाद ADR में आई थी तेज गिरावट

लॉ फर्मों के मुताबिक, 27 मई को यह रिपोर्ट सामने आने के बाद न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध HDFC Bank के ADR में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन ADR 1.02 डॉलर यानी करीब 4.1 फीसदी टूटकर 23.78 डॉलर पर बंद हुआ था।

फर्मों का कहना है कि इसी गिरावट के कारण निवेशकों को नुकसान हुआ और अब वे संभावित कानूनी दावों का आकलन कर रही हैं। इसी उद्देश्य से तीनों लॉ फर्मों ने उन निवेशकों से संपर्क करने की अपील की है जिन्हें इस गिरावट से नुकसान हुआ है।

HDFC Bank ने आरोपों को किया खारिज

मई में रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद HDFC Bank ने CNBC-TV18 को दिए बयान में सभी आरोपों से साफ इनकार किया था। बैंक ने कहा था कि उसके पास मजबूत इंटरनल निगरानी, ऑडिट और कंट्रोल सिस्टम मौजूद हैं।

सभी मामलों का निपटारा तय प्रक्रिया और नियमों के अनुसार किया जाता है तथा किसी भी इंटरनल रिव्यू के बाद अंतिम फैसला पूरी प्रक्रिया अपनाकर लिया जाता है। बैंक ने यह भी कहा था कि चुनिंदा जानकारी के आधार पर किसी भी तरह की गड़बड़ी या दोषी होने की धारणा को वह पूरी तरह खारिज करता है।

क्या HDFC Bank पर कोई केस दर्ज हो गया है?

फिलहाल ऐसा नहीं है। अभी तक यह केवल अमेरिकी शेयरहोल्डर लॉ फर्मों की ओर से जारी जांच संबंधी नोटिस हैं। इन घोषणाओं का मतलब यह नहीं है कि HDFC Bank के खिलाफ किसी अमेरिकी रेगुलेटर ने कार्रवाई शुरू कर दी है या बैंक पर कोई मुकदमा दर्ज हो चुका है।

अमेरिका में जब किसी लिस्टेड कंपनी के शेयर किसी नकारात्मक खबर के बाद तेजी से गिरते हैं, तब ऐसी लॉ फर्में अक्सर जांच शुरू करती हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि निवेशकों की ओर से सिक्योरिटीज क्लास एक्शन दायर करने का आधार बनता है या नहीं। फिलहाल किसी निवेशक की ओर से औपचारिक मुकदमा दायर नहीं किया गया है और यह देखना बाकी है कि जांच आगे चलकर किसी कानूनी कार्रवाई का रूप लेती है या नहीं।

शेयर में लगातार पांचवें दिन गिरावट

शुक्रवार को HDFC Bank का शेयर 4.45 रुपए यानी 0.60 फीसदी गिरकर 742.80 रुपए पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान शेयर करीब 1 फीसदी तक टूटकर 737.25 रुपए के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया था।

जून तिमाही के नतीजे आने के बाद से बैंक का शेयर लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ है। वहीं, साल 2026 में अब तक HDFC Bank का शेयर करीब 25 फीसदी तक टूट चुका है।

अब निवेशकों की नजर किस पर रहेगी?

फिलहाल निवेशकों की नजर दो प्रमुख बातों पर रहेगी। पहली, अमेरिकी लॉ फर्मों की जांच आगे बढ़कर किसी औपचारिक क्लास एक्शन मुकदमे का रूप लेती है या नहीं। दूसरी, HDFC Bank इस मामले पर आगे क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है। इसके अलावा, बाजार यह भी देखेगा कि हालिया गिरावट के बाद बैंक के शेयरों में स्थिरता लौटती है या दबाव जारी रहता है।