सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य सेवा में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए सरकार ने सेवानिवृत्ति के बाद पुनर्नियुक्ति के जरिये डॉक्टरों से 70 वर्ष की उम्र तक सेवाएं लेने का निर्णय लिया है. अभी तक 62 के बाद 65 वर्ष तक पुनर्नियुक्ति के माध्यम से सेवा देने का प्राविधान था. जिसे अब 70 किया जा रहा है. उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इसे लागू करने की दिशा में कार्यवाही चल रही है.
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के अंतर्गत चिकित्सा अधिकारी एवं विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल होते हैं, जो प्रदेश के सरकारी अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते हैं. उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद योग्य एवं अनुभवी डॉक्टरों को 70 साल की आयु तक सेवाएं देने का अवसर मिलने से उनके अनुभव का सीधा लाभ मरीजों को मिल सकेगा.
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प्रक्रिया बढ़ाने के निर्देश
ब्रजेश पाठक ने बताया कि अपर मुख्य सचिव को डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति के बाद 70 साल की आयु तक पुनर्नियुक्ति संबंधी आदेश जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार का उद्देश्य अनुभवी डॉक्टरों की विशेषज्ञता का अधिकतम उपयोग करते हुए प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना है.



