अनूप दुबे, कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में फर्जी चिकित्सकों और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा दिए गए कड़े निर्देशों के पालन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विकासखंड बड़वारा के अंतर्गत ग्राम विलायतकला में संचालित ‘बेस्ट केयर क्लीनिक’ नाम के एक अवैध क्लीनिक पर छापामार कार्रवाई की है। गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर टीम ने क्लीनिक को तुरंत सील कर दिया।
जिला स्तरीय टीम ने मारा छापा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राज सिंह ठाकुर ने बताया कि इस अवैध क्लीनिक की शिकायत मिलने पर एक विशेष जिला स्तरीय टीम का गठन किया गया था। इस जांच टीम में जिला चिकित्सालय के सर्जिकल स्पेशलिस्ट डॉ. रीतेश दुबे तथा प्रभारी नर्सिंग होम नितिन तपा शामिल थे। टीम ने जब विलायतकला पहुंचकर अचानक दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
खुद को बताया BAMS डॉक्टर, पर नहीं मिले दस्तावेज
जांच के दौरान सामने आया कि क्लीनिक का संचालन जाकिर हुसैन नाम का व्यक्ति कर रहा था। पूछताछ में उसने स्वयं को बी.ए.एम.एस. (BAMS) डिग्रीधारी डॉक्टर बताया, लेकिन जब टीम ने उससे डिग्री और जरूरी दस्तावेज मांगे तो वह एक भी कागज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके अलावा, उसका मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल में अनिवार्य रूप से होने वाला कोई पंजीयन (Registration) भी नहीं पाया गया।
आयुर्वेद के नाम पर एलोपैथी से इलाज, 5 बेड पर भर्ती थे मरीज
जांच टीम को क्लीनिक के अंदर कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। बिना किसी वैध प्रशासनिक अनुमति के इस पूरे क्लीनिक को धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा था। क्लीनिक परिसर के अंदर बाकायदा 5 बिस्तर लगाए गए थे, जिन पर मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा था। मौके से भारी मात्रा में एलोपैथी दवाइयां और इंजेक्शन बरामद हुए।
नियमों की धज्जियां उड़ीं
नियमानुसार यदि कोई चिकित्सक BAMS डिग्रीधारी होता भी है, तो उसे केवल आयुर्वेद पद्धति से ही उपचार करने की अनुमति होती है। लेकिन यहां जाकिर हुसैन बिना किसी वैध डिग्री के अवैध रूप से एलोपैथी पद्धति से मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा था।
50 प्रकार की दवाइयां जब्त, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
इन गंभीर कमियों को देखते हुए ‘मध्यप्रदेश उपचारगृह तथा रुजोपचार संबंध स्थापना अधिनियम 1973’ की धारा 3 एवं 4 के तहत तत्काल एक्शन लिया गया। टीम ने मौके से लगभग 50 प्रकार की एलोपैथी दवाइयां जब्त कीं और क्लीनिक को सील कर दिया।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान बड़वारा तहसीलदार हर्षवर्धन रामटेके, थाना प्रभारी के.के. पटेल तथा क्षेत्रीय पटवारी सहित पुलिस बल मुस्तैद रहा। CMHO डॉ. राज सिंह ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि जिले में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे किसी भी अवैध स्वास्थ्य संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी यह मुहिम सख्ती से जारी रहेगी।

