Jal Pralay In India: भारत में इस वक्त मानसून (Monsoon in India) अपने चरम सीमा है। इसके कारण पूरे देश में भारी बारिश (heavy rain) हो रही है। भारी बारिश के कारण कई राज्यों में बाढ़ के कारण व्यापक क्षति हुई है। देश के पूर्वोत्तर राज्य असम से लेकर पश्चिमी राज्य गुजरात-महाराष्ट्र तक हर तरफ सिर्फ तबाही ही तबाही दिख रही है। अकेले असम में 82 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि पहाड़ी राज्यों (जम्मू-कश्मीर-हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड) में बादल फटने से बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण हर तरफ तबाही दिख रहा है।

वहीं दूसरी तरफ भारतीय मौसम विभाग यानी आईएमडी (IMD) ने पूर्वी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा, कर्नाटक और केरल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और बिहार समेत 13 राज्यों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

जल प्रलय का सबसे ज्यादा असर असम में दिख रहा है, जहां अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है। असम के पांच जिलों- शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और चराइदेव में करीब दो लाख लोग बाढ़ की वजह से मुश्किलें झेल रहे हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, शुक्रवार को बाढ़ की वजह से दो और लोगों की जान गंवानी पड़ी. राहत की बात यह है कि कुदरती आपदा में फिलहाल कोई व्यक्ति लापता नहीं है। बाढ़ से प्रभावित पांच जिलों के 17 राजस्व क्षेत्रों और 379 गांवों में असर साफ दिख रहा है। करीब दो लाख की आबादी बाढ़ की चपेट में है। राज्य में 54 राहत शिविर बनाए गए हैं, 26 राहत वितरण केंद्र भी चलाए जा रहे हैं।

गुजरात में शुक्रवार को हुई भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। सूरत में सबसे अधिक 24 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि 12 अन्य क्षेत्रों में 10 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं खेड़ा जिले में वसो का मुख्य बाजार हो या रिहाइशी इलाके, हर तरफ बस पानी ही पानी नजर आ रहा है. लोगों के घरों और दुकानों के भीतर तक पानी घुस चुका है।

महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने कई क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है। पुणे जिले में इस वर्ष मानसून ने रिकॉर्ड तोड़ बारिश की है। 31 जुलाई तक जिले में सामान्य वर्षा के मुकाबले 179.9 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। जहां औसत वर्षा 309.3 मिमी होनी चाहिए थी, वहीं अब तक 556.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। नंदुरबार जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। उजनी बांध से 80 हजार क्यूसेक और वीर बांध से 43 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद भीमा और चंद्रभागा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. पंढरपुर में पुंडलिक मंदिर सहित कई छोटे-बड़े मंदिर पानी से घिर गए हैं।

इधर, कश्मीर घाटी में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच ऊपरी इलाकों में बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) की घटनाएं हुई हैं। दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के कई गांव अचानक आई बाढ़ की चपेट में आ गए। । पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग (MeT) ने अगले एक सप्ताह तक लगातार बारिश का पूर्वानुमान जारी करते हुए फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और मडस्लाइड का बड़ा अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने आम लोगों, पर्यटकों, यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों से मौसम को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।

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