रोहित कश्यप, मुंगेली। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा आगामी 48 से 72 घंटों के दौरान मुंगेली जिले में गरज-चमक, आकाशीय बिजली तथा कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी जारी किए जाने के बाद मुंगेली जिला प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुंदन कुमार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत आपात आदेश जारी करते हुए सभी विभागों को तत्काल प्रभाव से व्यापक सुरक्षा एवं राहत तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि संभावित बाढ़, जलभराव और अन्य आपदाओं की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शनिवार को कलेक्टर कुंदन कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने जिला स्तरीय आपात बैठक लेकर संभावित बाढ़ एवं भारी बारिश से निपटने की तैयारियों की गहन समीक्षा की। बैठक में सभी विभागों को पूर्व तैयारी, त्वरित समन्वय और प्रभावी कार्ययोजना के साथ अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कलेक्टर ने आवश्यक सेवाओं से जुड़े वर्ग-1, वर्ग-2 एवं वर्ग-3 अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दीं। सभी अधिकारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहने तथा बिना पूर्व अनुमति जिला मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।

अगले 48 से 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण, अचानक बाढ़ का खतरा
कलेक्टर ने बताया कि लगातार भारी बारिश के कारण मनियारी एवं शिवनाथ नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जबकि राजीव गांधी (खुड़िया) जलाशय में भारी जल आवक की संभावना है। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में जलभराव तथा ग्रामीण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसे देखते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

जिला और ब्लॉक स्तर पर 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय
कलेक्टर ने जिला एवं अनुविभाग स्तर पर 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं राजस्व अधिकारियों को ब्लॉक स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय करने तथा नदी किनारे एवं निचले क्षेत्रों के गांवों में ग्राम कोटवारों के माध्यम से मुनादी कर लोगों को सतर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
खुड़िया बांध की हर घंटे होगी निगरानी
जल संसाधन विभाग को राजीव गांधी (खुड़िया) जलाशय के जलस्तर की प्रति घंटे मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों के गांवों को कम से कम तीन घंटे पहले सूचना दिए बिना तथा जिला दण्डाधिकारी की लिखित अनुमति के बिना मनियारी नदी में आपातकालीन जल डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा।

जलमग्न पुल-रपटों पर पूरी तरह प्रतिबंध, जीरो क्रॉसिंग लागू
पुलिस एवं यातायात पुलिस को सभी रपटों, कॉजवे और संवेदनशील पुलों पर मजबूत बैरिकेडिंग लगाने तथा जीरो क्रॉसिंग नीति का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी परिस्थिति में जलमग्न पुल, रपट अथवा सड़क से वाहनों और पैदल यात्रियों को गुजरने की अनुमति नहीं होगी।
राहत शिविर पहले से तैयार रखने के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का पूर्व सर्वे कर सुरक्षित स्थानों पर लोगों को शिफ्ट करने की कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए। राहत शिविरों में स्वच्छ पेयजल, खाद्यान्न, दवाइयां, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अचानकमार और पहुंच-विहीन क्षेत्रों पर विशेष फोकस
कलेक्टर ने विशेष रूप से अचानकमार क्षेत्र एवं अन्य दूरस्थ इलाकों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल हर समय तैयार रहें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
संयुक्त राजस्व-पुलिस गश्ती दल गठित
- भारी बारिश एवं संभावित बाढ़ को देखते हुए जिले में धारा-163 बीएनएसएस के तहत जारी निषेधाज्ञा का पालन सुनिश्चित कराने के लिए संयुक्त राजस्व-पुलिस गश्ती दल गठित किए गए हैं।
- लोरमी क्षेत्र में एसडीएम एवं एसडीओपी को खुड़िया बांध एवं मनियारी नदी क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है।
- मुंगेली क्षेत्र में एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं थाना प्रभारी शहरी क्षेत्र तथा प्रमुख रपटों की निगरानी करेंगे।
- पथरिया क्षेत्र में एसडीएम, तहसीलदार एवं थाना प्रभारी शिवनाथ नदी तट एवं बेमेतरा सीमा क्षेत्र में लगातार गश्त करेंगे।
बिजली, सड़क और पशुधन विभाग भी अलर्ट
कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को आवश्यकता पड़ने पर जलभराव वाले क्षेत्रों में एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद करने, टूटे तार एवं गिरे पोलों की तत्काल मरम्मत तथा अस्पतालों एवं कंट्रोल रूम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पशुधन विकास विभाग को नदी किनारे के क्षेत्रों से मवेशियों को सुरक्षित स्थानों एवं गौठानों में पहुंचाने, चारा एवं आवश्यक दवाओं का भंडारण करने को कहा गया है। वहीं लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग, जल संसाधन विभाग, वन विभाग एवं एटीआर टीमों को जेसीबी, डंपर, कटर सहित आवश्यक मशीनरी संवेदनशील मार्गों पर तैनात रखने तथा मार्ग अवरुद्ध होने पर तत्काल यातायात बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का इमरजेंसी प्लान लागू, जिला हेल्पलाइन शुरू
कलेक्टर के निर्देशों के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, मुंगेली ने बाढ़, मौसमी बीमारियों एवं संभावित महामारी की रोकथाम के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिया है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित रहेगा।स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 9589427852 जारी किया है। वहीं जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. शिवपाल सिंह सिदार (मो. 7869990191) को नियंत्रण कक्ष का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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