रांची। झारखंड के कथित शराब घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर मंगलवार को झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से याचिका पर आपत्ति दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की गई। अदालत ने सरकार को याचिका की सुनवाई योग्यता और मामले से जुड़े तथ्यों पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अब मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता राजीव सिन्हा और सूरज किशोर प्रसाद ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा।
बाबूलाल मरांडी की याचिका में CBI जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की ओर से दाखिल जनहित याचिका में झारखंड में कथित शराब घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि कथित घोटाले में आईएएस अधिकारी समेत कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं। मामले में वर्ष 2025 में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में केस दर्ज किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
गिरफ्तारी के बाद मिली डिफॉल्ट जमानत
याचिका के मुताबिक, शराब घोटाले से जुड़े मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि बाद में उन्हें डिफॉल्ट जमानत मिल गई। याचिका में कहा गया है कि करीब 14 महीने गुजरने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है और जांच अब भी जारी है।
फिलहाल मामले की जांच सीआईडी और एसीबी कर रही है। हाई कोर्ट में सरकार का जवाब आने के बाद यह तय होगा कि मामले में आगे किस दिशा में सुनवाई बढ़ती है।
बोकारो मामले में CBI जांच पर सरकार ने जताई सहमति
इससे पहले बोकारो से एक लड़की के लापता होने से जुड़े एक अन्य मामले में राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के समक्ष कहा था कि जांच सीबीआई को सौंपे जाने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है।


