लखनऊ. अलीगंज अग्निकांड पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सख्ती दिखाई है. मामले को लेकर LDA और बिजली विभाग पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है. अदालत ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं. वहीं हादसे रोकने के लिए SOP पेश करने का आदेश दिया है. इसके अलावा न्यायालय ने पीड़ितों को अलग-अलग मुआवजे पर सवाल उठाए. जिसके बाद समान मुआवजा नीति बनाने को लेकर कोर्ट ने आदेशित किया है. सभी पक्षों से अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा भी मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी.

बता दें कि मामले की जांच के लिए बनाई गई SIT ने अग्निकांड की जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है. माना जा रहा है कि रिपोर्ट के बाद कई बड़े अफसरों पर गाज गिर सकती है. जिम्मेदार अधिकारियों और विभागों को चिन्हित कर लिया गया है.

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बता दें कि 22 जून को हुई आगजनी की इस दुर्घटना में 15 बच्चों की मौत हुई थी. जांच में लापरवाही और अनियमितताएं सामने आईं हैं. इस मामले में पहले भी 2 इंजीनियर सस्पेंड किए जा चुके हैं. अब तक कुल 7 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई हो गई है. 18 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है. सेवा में तैनात अधिकारियों पर पहले कार्रवाई हो रही है. वहीं संदिग्ध अधिकारियों पर भी विभागीय जांच शुरू की गई है.

जानिए पूरा घटनाक्रम

  • दोपहर 2:15 बजे: अलीगंज के सेक्टर डी के चार मंजिला कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लग गई. पहले लोगों ने आग पर काबू का प्रयास किया.
  • दोपहर 2:30 बजे: आग को लगातार बढ़ती देख फायर ब्रिगेड को घटना की जानकारी दी गई.
  • दोपहर 3.10 बजे: फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची. आग की भयावहता की जानकारी विभाग को दी गई. धीरे-धीरे दमकल की 13 गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया. आग पर काबू का प्रयास शुरू किया गया.
  • शाम 6:30 बजे: फायर ब्रिगेड की ओर से आग पर काबू पाने और हालात के सामान्य होने की जानकारी दी गई. आग लगने से 15 युवाओं की मौत का मामला सामने आया.