हेमंत शर्मा, इंदौर। सोशल मीडिया पर चर्चित युवती और उसके पति द्वारा दायर याचिका पर शुक्रवार को इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में कोर्ट ने याचिका में मौजूद तकनीकी कमियों और दस्तावेजों से जुड़ी आपत्तियों को दूर करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद होगी।
READ MORE: भोजशाला विवाद: हाईकोर्ट के आदेश के पालन में देरी पर हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने उठाए सवाल, CM मोहन यादव को लिखा पत्र
याचिका में दंपति ने दावा किया है कि उनकी शादी पूरी तरह वैध है, लेकिन कुछ रिकॉर्ड और दस्तावेजों में कथित बदलाव कर उनकी वैवाहिक स्थिति पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि जन्म संबंधी रिकॉर्ड में हेरफेर कर उन्हें नाबालिग साबित करने की कोशिश की गई, जिससे विवाद खड़ा हुआ। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से याचिका की प्रक्रिया और संलग्न दस्तावेजों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गईं। वहीं याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से जन्म प्रमाण पत्र की मूल प्रति अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई। इसके बाद कोर्ट ने दस्तावेजों को व्यवस्थित रूप से रिकॉर्ड पर लाने और याचिका में मौजूद कमियों को सुधारने के निर्देश दिए।
READ MORE: 8 साल की बच्ची के साथ पड़ोसी ने किया घिनौना काम: घर के बाहर खेल रही मासूम को कमरे में ले गया 50 साल का शख्स, फिर… POCSO एक्ट में मामला दर्ज
मामला उस समय चर्चा में आया था जब युवती की उम्र को लेकर सवाल उठे थे। शिकायतों और जांच के बाद संबंधित एजेंसियों ने विवाह के समय उसकी आयु को लेकर संदेह जताया था। इसके आधार पर पुलिस ने भी कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। याचिका में यह भी कहा गया है कि विवाह से जुड़े मामले को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रचारित किया गया और इसे अनावश्यक रूप से सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास हुआ। दंपति ने अदालत से जन्म प्रमाण पत्र को रिकॉर्ड में बहाल करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।अदालत ने फिलहाल मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। कोर्ट ने केवल याचिका में बताई गई कमियों को दूर करने के लिए समय दिया है। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद मामले पर आगे की सुनवाई की जाएगी।

