Rajasthan News: कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के मामले में गठित हाईलेवल जांच कमेटियों ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर और एम्स दिल्ली के वरिष्ठ विशेषज्ञों की अलग-अलग टीमों ने पूरे मामले की जांच की थी। दोनों टीमों की रिपोर्ट के आधार पर तैयार अंतिम रिपोर्ट चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर को सौंप दी गई है। सरकार अब विशेषज्ञ चिकित्सकों की राय लेने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।

जांच रिपोर्ट के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और उनसे जुड़े अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण को लेकर नई और सख्त गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। एम्स दिल्ली की टीम की सिफारिशों के आधार पर लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर के संचालन में कई अहम बदलाव किए गए हैं।

नई व्यवस्था के तहत मरीजों को ऑपरेशन थिएटर में ले जाने से पहले निर्धारित सफेद गाउन पहनाना अनिवार्य होगा। साथ ही सर्जरी के मरीजों को समूह में एक साथ शिफ्ट नहीं किया जाएगा। यदि इलाज के दौरान किसी मरीज की हालत बिगड़ती है तो तुरंत वरिष्ठ चिकित्सक को सूचना देना अनिवार्य रहेगा, ताकि समय रहते आवश्यक निर्णय लिया जा सके।

जांच के दौरान अस्पताल में इस्तेमाल किए जा रहे जीवनरक्षक ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के एक बैच को अमानक पाया गया। इसके बाद सरकार ने पूरे प्रदेश में सतर्कता बरतते हुए उस विशेष बैच की बिक्री और उपयोग पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

रिपोर्ट में अस्पतालों में ड्यूटी ड्रेस को लेकर भी सख्त नियम लागू करने की सिफारिश की गई है। अब डॉक्टर, रेजिडेंट और नर्सिंग स्टाफ घर से ड्यूटी ड्रेस पहनकर अस्पताल नहीं आएंगे और अस्पताल परिसर के बाहर इस ड्रेस में घूमने पर भी रोक रहेगी।

इसके अलावा क्रिटिकल केयर यूनिट और आईसीयू में हर समय डॉक्टरों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी। मरीजों की निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए बेडसाइड मॉनिटरिंग चार्ट पर हर घंटे आवश्यक चिकित्सीय विवरण दर्ज करना भी अनिवार्य किया गया है।

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