रेणु अग्रवाल, धार। मध्य प्रदेश स्थित भोजशाला अब एक मंदिर है। हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद धार में एक अलग सुबह नजर आई। पुलिसकर्मियों की तैनाती के दौरान वहां शांति रही। वहीं भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा, भोज उत्सव समिति के संरक्षक विश्वास पांडे समेत कई लोग भोजशाला में दर्शन करने पहुंचे।
मां वाग्देवी के स्थान पर पुष्प अर्पित कर दंडवत प्रणाम कर पूजा की। इसके बाद यज्ञ कुंड के पास जाकर प्रणाम किया। इस मौके पर भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि यह अभी संपूर्ण विजय नहीं है। भोजशाला का कण-कण कह रहा है कि यह मंदिर है। फिर भी मुस्लिम समाज सुप्रीम कोर्ट जाना चाहता है तो जाए। लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भोजशाला मंदिर है, मंदिर था और मंदिर रहेगा।
गौरतलब है कि भोजशाला (Bhojshala) विवाद को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने भोजशाला को मंदिर घोषित कर दिया। कोर्ट ने कहा कि भोजशाला संस्कृत शिक्षा का केंद्र रहा है। इस आदेश के बाद भोजशाला में अब सिर्फ पूजा होगी।
वहीं इंदौर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने जा रहा है। मुस्लिम पक्ष से जुड़ी मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं हिंदू पक्ष की ओर से जितेंद्र सिंह ‘विशेन’ ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी है।

