विजय कुमार/जमुई। जिले से इस वक्त की एक बड़ी प्रशासनिक और भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। आर्थिक अपराध इकाई (EOW) की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जमुई जिले के ग्रामीण कार्य प्रमंडल, झाझा में तैनात कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। EOW की इस अचानक हुई कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है।

​विशेष न्यायालय के वारंट पर एक्शन

​मिली जानकारी के अनुसार, कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर EOW की टीम ने कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से विधिवत तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद, आर्थिक अपराध इकाई ने यह बड़ी दबिश दी है। न्यायालय के आदेश पर गठित विशेष टीमों को अलग-अलग ठिकानों के लिए रवाना किया गया था।

​ज्ञात आय से 81.5% अधिक संपत्ति का अनुमान

​आर्थिक अपराध इकाई (EOW) द्वारा साझा की गई शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार पर प्रथम दृष्टया कुल दो करोड़ साठ लाख इक्यावन हजार रुपये (2,60,51,000) की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का ठोस साक्ष्य पाया गया है। EOW के आंकड़ों के अनुसार, यह अवैध संपत्ति उनके वैध और ज्ञात आय के स्रोतों से लगभग 81.5\% अधिक है। इसी भारी विसंगति को आधार बनाकर जांच एजेंसी ने अपनी शिकंजा कसा है।

​चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश

​भ्रष्टाचार के इस मामले में सबूतों को खंगालने और काली कमाई का पता लगाने के लिए EOW की अलग-अलग टीमों ने एक साथ कुल चार ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई शुरू की। इन ठिकानों में गोपाल कुमार के निजी आवासों से लेकर उनका कार्यालय भी शामिल है:

  • ​पहला ठिकाना: पटना के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित ज्योतिपुरम का ‘जगत विला अपार्टमेंट’, जहां उनके फ्लैट की तलाशी ली जा रही है।
  • ​दूसरा ठिकाना: पटना के ही कंकड़बाग इलाके के पूर्वी इंदिरा नगर, रोड नंबर 04 स्थित उनका निजी मकान।
  • ​तीसरा ठिकाना: जमुई में के.के.एम. कॉलेज के समीप स्थित उनका किराए का आवास, जहां वे सेवाकाल के दौरान रहते हैं।
  • ​चौथा ठिकाना: झाझा (जमुई) स्थित उनका आधिकारिक कार्यपालक अभियंता कार्यालय।

​जांच पूरी होने के बाद बड़े खुलासे की उम्मीद

​आर्थिक अपराध इकाई (EOW) के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) मानवजीत सिंह ढिल्लों ने इस पूरी कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सभी चारों ठिकानों पर छापेमारी और तलाशी की प्रक्रिया पूरी सतर्कता के साथ चलाई जा रही है। डीआईजी के अनुसार, तलाशी की यह पूरी कार्रवाई संपन्न होने के बाद ही बरामदगी और दस्तावेजों के मूल्यांकन से जुड़ी विस्तृत और आधिकारिक जानकारी मीडिया के साथ साझा की जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इस छापेमारी में कई अहम दस्तावेज और बेनामी संपत्ति के राज खुल सकते हैं।