हिसार। सिविल अस्पताल की मोर्चरी में एक महिला के शव को क्षति पहुंचने की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने न्यायिक जांच के आदेश जारी किए हैं। हिसार के उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट महेंद्र पाल ने मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच करवाने का निर्णय लिया है।

जारी आदेशों के अनुसार, घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा तथा इसमें किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा जिम्मेदारी सामने आने पर उसकी भूमिका की गहन जांच की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदमों की भी समीक्षा की जाएगी।

प्रशासन ने अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि मामले की विस्तृत जांच कर तथ्यात्मक और कारणयुक्त रिपोर्ट तैयार की जाए तथा निर्धारित निष्कर्षों और सिफारिशों सहित 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

उपायुक्त महेंद्र पाल ने स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न की जाएगी। यदि जांच में कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इस घटना के बाद प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित विभागों को भी सतर्क रहने तथा व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए.