हिसार। हरियाणा के हिसार जिले के गैबीपुर गांव में सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति और शिक्षकों की कमी को लेकर विवाद बढ़ गया है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया था। उनका आरोप है कि 361 बच्चों को पढ़ाने के लिए सिर्फ तीन शिक्षक हैं, जबकि स्कूल में 14 शिक्षकों की जरूरत है।

इसी घटनाक्रम के बीच शनिवार को डीसी हिसार महेंद्रपॉल ने गांव के सरपंच पवन मेहता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। हालांकि, सस्पेंशन आदेश में सरपंच के खिलाफ कार्रवाई का कारण स्कूल विवाद नहीं, बल्कि गांव के कामों में मिली अनियमितताएं बताई गई हैं।

ग्रामीणों ने स्कूल पर जड़ा था ताला

शुक्रवार को शिक्षकों की कमी से नाराज ग्रामीणों ने गैबीपुर के सरकारी प्राइमरी स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया था। ग्रामीणों के मुताबिक, स्कूल में करीब 361 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन उनके लिए केवल तीन शिक्षक हैं।

मौके पर पहुंचे ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जिले सिंह और सरपंच पवन मेहता ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने स्कूल का ताला खोल दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन को समस्या का समाधान करने के लिए तीन दिन का समय दिया है।

14 की जरूरत, स्कूल में सिर्फ 3 शिक्षक

ग्रामीणों का कहना है कि करीब डेढ़ महीने पहले स्कूल में 14 शिक्षक थे। अब इनकी संख्या घटकर तीन रह गई है। एक शिक्षक हेमदत की ड्यूटी बीएलओ के तौर पर लगी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे में बचे हुए शिक्षकों के लिए बच्चों को पढ़ाने के साथ मिड-डे मील के बर्तन उठाने जैसे काम भी करना मुश्किल हो रहा है। उनका दावा है कि शिक्षकों की कमी को लेकर कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।

सस्पेंशन की वजह क्या बताई गई?

डीसी हिसार की ओर से सरपंच को निलंबित करने की कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब एक दिन पहले ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला लगाया था। हालांकि उपलब्ध सस्पेंशन आदेश के अनुसार कार्रवाई की वजह स्कूल विवाद नहीं बताई गई है।

दरअसल, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) बरवाला की जांच में सरपंच के खिलाफ गांव के कामों में अनियमितताओं से जुड़े गंभीर प्रकृति के आरोप सिद्ध हुए थे। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय की ओर से सरपंच को दो कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।

पहला नोटिस 27 अक्टूबर 2025 और दूसरा 26 फरवरी 2026 को जारी किया गया था।

नोटिस का जवाब नहीं देने का आरोप

नियम के अनुसार सरपंच को कारण बताओ नोटिस का जवाब सात दिन के भीतर देना था। लेकिन आरोप है कि नोटिस जारी होने के करीब पांच महीने 14 दिन बाद भी सरपंच की ओर से कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।

इसके बाद डीसी हिसार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। हालांकि, ग्रामीणों के स्कूल पर ताला लगाने के ठीक बाद हुई इस कार्रवाई को स्थानीय स्तर पर स्कूल विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

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