काजल, हिसार। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिद्धांत जैन (आईपीएस) ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त-दुरुस्त और जवाबदेह बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने पुलिस कार्यालय की सभी शाखाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने कार्यालयीन कामकाज की बारीकी से समीक्षा की और बेहतर प्रशासन, कड़े अनुशासन और जनसेवा को लेकर कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसपी ने साफ कर दिया कि जनता के कामों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जवाबदेही तय: लापरवाही और देरी पर होगी सख्त कार्रवाई

बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा कि पुलिस कार्यालय की हर एक शाखा आम जनता को बेहतर सेवाएं देने में रीढ़ की हड्डी की तरह काम करती है। इसलिए हर अधिकारी और कर्मचारी को अपने कर्तव्यों का पालन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ करना होगा। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही, फाइलों को बेवजह दबाकर रखने (अनावश्यक विलंब) या काम के प्रति उदासीनता को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा।

पेंडिंग मामलों को समय पर निपटाने के आदेश

एसपी ने सभी शाखा प्रभारियों (ब्रांच इंचार्जों) को सख्त निर्देश दिए कि कार्यालय में जितने भी पत्र, शिकायतें या अन्य सरकारी मामले पेंडिंग हैं, उनका एक निश्चित समय सीमा के भीतर निपटारा सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने दफ्तर के सभी पुराने और नए रिकॉर्ड को पूरी तरह से अपडेट रखने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि सभी शाखाओं में होने वाले कार्यों की वे खुद नियमित रूप से निगरानी और समीक्षा करेंगे।

वर्दी की गरिमा और जनता से अच्छा व्यवहार सबसे जरूरी

प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ एसपी सिद्धांत जैन ने पुलिस बल के अनुशासन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कर्मचारियों को समय का पालन करने, कार्यालय परिसर में अनुशासन बनाए रखने, साफ-सुथरी वर्दी पहनने और दफ्तर के वातावरण को स्वच्छ रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्यालय में अपनी फरियाद लेकर आने वाले हर एक नागरिक की समस्या को पूरी गंभीरता और शालीनता से सुना जाए। जनता के साथ पुलिस का व्यवहार बेहद सम्मानजनक होना चाहिए और उनकी शिकायतों पर नियमानुसार तुरंत एक्शन लिया जाना चाहिए।

ई-ऑफिस प्रणाली और डिजिटल सुरक्षा पर फोकस

बैठक में आधुनिक पुलिसिंग और तकनीकी सुधारों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एसपी ने कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली (कागज रहित डिजिटल कार्यप्रणाली) को पूरी तरह लागू करने, फाइलों का डिजिटल रिकॉर्ड रखने और बेहद गोपनीय सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न शाखाओं के बीच बेहतर तालमेल (समन्वय) बनाने की बात कही ताकि विभागीय पत्राचार में गुणवत्ता और तेजी लाई जा सके।

कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना प्राथमिकता

बैठक के दौरान एसपी ने केवल निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याओं तथा सुझावों को भी बेहद गंभीरता से सुना। उन्होंने मौके पर ही संबंधित प्रभारियों को निर्देश दिए कि कर्मचारियों की दिक्कतों का नियमानुसार तुरंत समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस बल का मनोबल और उनका कल्याण जिला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। एक संतुष्ट और तनावमुक्त पुलिस बल ही समाज में प्रभावी और जनहितकारी पुलिसिंग सुनिश्चित कर सकता है। बैठक के अंत में उन्होंने सभी को एक टीम की तरह पूरी निष्पक्षता से काम करने की शपथ दिलाई।