गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने के संकल्प के साथ उत्तराखण्ड सरकार और भारत सरकार मिलकर एक ऐसी आवासीय परियोजना को अंतिम रूप दे रही है, जो हजारों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली है. सचिव आवास और आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के बागवाला में विकसित की गई यह परियोजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है.
आयुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार हर पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. परियोजना में गुणवत्ता, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है.
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बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के तहत शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न-आय वर्ग के परिवारों को पक्का घर बनाने या खरीदने के लिए सरकार की ओर से 2.50 लाख तक की वित्तीय सहायता और होम लोन पर सब्सिडी दी जाती है.
- प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता: पात्र परिवारों को खुद का घर बनाने (BLC – लाभार्थी आधारित निर्माण) के लिए केंद्र सरकार से 1.5 लाख और राज्य सरकार से 1 लाख, यानी कुल 2.50 लाख तक की सहायता दी जाती है.
- क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी (CLSS): यदि आप नया घर खरीदने या बनाने के लिए लोन लेते हैं, तो आपकी आय के अनुसार 6 लाख तक के लोन पर 6.50% तक की ब्याज सब्सिडी का फायदा ले सकते हैं.
पात्रता मापदंड (Eligibility)
लाभार्थी परिवार के पास भारत में कहीं भी अपने नाम पर कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए.
परिवार की वार्षिक आय श्रेणी के अनुसार निर्धारित होनी चाहिए-
- EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग): 3 लाख तक
- LIG (निम्न आय वर्ग): 3 लाख से 6 लाख तक
- MIG (मध्यम आय वर्ग): 6 लाख से 9 लाख तक (MIG 1) और 9 लाख से 12 लाख तक (MIG 2)

