आकाश तिवारी, ग्यारसपुर (विदिशा)। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बाद हैदरगढ़ के पास स्थित प्रसिद्ध “मिनी वॉटरफॉल” मृगन्नाथ का झरना अपने पूरे शबाब पर है। प्राकृतिक सौंदर्य से लबरेज इस झरने का अद्भुत और मनमोहक नजारा देखने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। हालांकि, प्राकृतिक सुंदरता के आनंद के बीच यहां सुरक्षा इंतजामों की भारी अनदेखी देखने को मिल रही है, जिससे किसी बड़े हादसे का अंदेशा बना हुआ है।
तेज बहाव में जान जोखिम में डाल रहे पर्यटक
बारिश के कारण मृगन्नाथ झरने में पानी का जलस्तर और बहाव काफी तेज है। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में लोग बिना किसी डर के पानी के बेहद करीब जा रहे हैं और उफनते झरने में उतरकर नहाने का लुत्फ उठा रहे हैं। युवक और बच्चे खतरनाक चट्टानों पर चढ़कर रील्स बनाते और पानी में उतरते देखे जा सकते हैं।
प्रशासन बेखबर: न पुलिसकर्मी, न चेतावनी बोर्ड
इतनी बड़ी संख्या में पर्यटकों की मौजूदगी और तेज जलप्रवाह के बाद भी मौके पर स्थानीय प्रशासन, राजस्व या पुलिस विभाग की कोई व्यवस्था नज़र नहीं आ रही है। सुरक्षा के शून्य इंतजाम: खतरे वाली जगहों पर जाने से रोकने के लिए न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड (साइनबोर्ड) लगाए गए हैं। निगरानी का अभाव: मौके पर पुलिस बल या सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती न होने से पर्यटक बेखौफ होकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
हादसे के बाद ही जागेगा प्रशासन?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि मानसून के दौरान ऐसे रमणीय स्थलों पर भीड़ जुटना स्वाभाविक है। ऐसे में प्रशासन को समय रहते सुरक्षा बल, गार्ड्स और चेतावनी बोर्ड की व्यवस्था करनी चाहिए थी। पर्यटकों की लापरवाही और प्रशासनिक बेपरवाही के चलते सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी अनहोनी या हादसे के बाद ही नींद से जागेगा?
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