कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पानी की किल्लत पर सोमवार को नगर निगम की परिषद में भारी हंगामा हुआ। सत्ता और विपक्ष की महिला पार्षदो ने यह हंगामा किया। कांग्रेस पार्षद सईदा अली ने सदन के भीतर धरना दिया। जबकि बीजेपी पार्षद आशा चौहान ने परिषद के बाहर मटके फोड़कर प्रदर्शन किया और प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम दे दिया।
नगर सरकार के बावजूद कांग्रेस पार्षद ने दिया धरना
ग्वालियर में गर्मी बढ़ने के साथ शहर के कई वार्डों में पानी की किल्लत होने लगी है। ऐसे में आज नगर निगम परिषद की बैठक में इसी मुद्दे पर माहौल गरमा गया। नगर सरकार होने के बावजूद कांग्रेस पार्षद सईदा अली ने सदन के अंदर धरना देकर अधिकारियों पर सुनवाई न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि, “गर्मियों में उनके वार्ड में पानी की भारी किल्लत है। कई बार-बार शिकायत की पर अधिकारी सुनते नही है। जब तक मेरे वार्ड को पानी नहीं मिलेगा, वह आवाज उठाती रहेंगी।
विपक्ष ने किया प्रदर्शन
सदन के अंदर के साथ ही सदन के बाहर भी विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया। बीजेपी पार्षद आशा चौहान अपने वार्ड के लोगों के साथ परिषद कार्यालय के बाहर आकर मटके फोड़े और जमकर नारेबाजी की। आशा चौहान ने कहा को “महापौर और निगम के अधिकारी सो रहे हैं, जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है। ऐसे में उन्होंने निगम प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया,की यदि समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन और निगम मुख्यालय का घेराव होगा।
सभापति ने पानी की किल्लत दूर करने दिया आदेश
भारी हंगामे के बीच नगर निगम के सभापति मनोज सिंह तोमर ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित आला अधिकारियों को तलब किया और शहर में पानी की किल्लत को जल्द से जल्द दूर करने के सख्त आदेश जारी किए हैं। बहरहाल मामला अब प्रशासनिक विफलता से आगे बढ़कर राजनीतिक संकट बनता जा रहा है।
निगम मुख्यालय में देखने को मिल सकता है बड़ा प्रदर्शन
शहर की जनता इस भीषण गर्मी में पानी के लिए दर-बदर है और दोनों पक्षों के टकराव से स्थिति और नाजुक होती दिख रही है। सभापति के निर्देश और आश्वासन का असर तब दिखाई देगा जब नल तक पानी पहुंचेगा और यदि सात दिनों में समाधान नहीं हुआ तो निगम मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन देखने मिल सकता है।

