अविनाश श्रीवास्तव/​सासाराम। बिहार के सासाराम स्थित सदर अस्पताल के ट्रामा सेंटर में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने उग्र होकर जमकर बवाल काटा। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में न केवल तोड़फोड़ की बल्कि सरकारी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया। हंगामे की इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को कुछ लोग एक गंभीर रूप से बीमार महिला को इलाज के लिए सासाराम सदर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार ने जैसे ही महिला की प्राथमिक जांच की उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों को इस पर विश्वास नहीं हुआ जिसके बाद उनके आग्रह पर डॉक्टर ने पुनः जांच की। इसके बावजूद परिजन संतुष्ट नहीं हुए। स्थिति को भांपते हुए डॉक्टर ने उन्हें संतुष्टि के लिए ईसीजी (ECG) करवाने की सलाह दी।

​तूतू-मैंमैं और गाली-गलौज से बढ़ा विवाद

​ईसीजी करवाने की सलाह देते ही बात बिगड़ गई। डॉक्टर और परिजनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई जो देखते ही देखते गाली-गलौज में बदल गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने उनके साथ बदसलूकी की और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। वहीं दूसरी ओर डॉ. मनोज कुमार ने भी परिजनों पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। विवाद बढ़ने पर परिजनों ने अस्पताल की कुर्सियां तोड़ दीं और परिसर में लगे पौधों के गमलों को भी उठाकर फेंक दिया। फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि हंगामा करने वालों में महिलाएं भी शामिल थीं।

​पुलिस की मौजूदगी में स्थिति हुई सामान्य

​अस्पताल प्रबंधक अजय कुमार गुप्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही आनन-फानन में पुलिस बल को बुलाया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उपद्रवियों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से डॉ. मनोज कुमार की शिकायत के आधार पर मामले की गहन जांच का आश्वासन दिया गया है। गनीमत रही कि इस पूरे उपद्रव में किसी भी व्यक्ति के गंभीर रूप से चोटिल होने की कोई सूचना नहीं है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच बढ़ते तनाव और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।