पानीपत। पत्नी की हत्या को हादसा दिखाने की कोशिश आखिरकार अदालत में बेनकाब हो गई। पानीपत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंबरदीप सिंह की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने रितु हत्याकांड में उसके पति शंकर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

मामला 10 दिसंबर 2021 का है। शौदापुर निवासी रितु के ससुर राजेंद्र ने सुबह करीब 8 बजे उसके मायके गन्नौर में फोन किया। परिवार को बताया गया कि रितु सीढ़ियों से गिरकर बेहोश हो गई है। कुछ देर बाद दोबारा फोन आया और बताया गया कि रितु की मौत हो गई।

सूचना मिलते ही रितु के पिता अर्जुन सिंह और परिवार के अन्य सदस्य शौदापुर पहुंचे। वहां रितु का शव जमीन पर पड़ा मिला। परिजनों को उसके गले पर दबाने के निशान के साथ शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी दिखाई दिए। इसके बाद मामला संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने जांच शुरू की।

जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि रितु की मौत सीढ़ियों से गिरने के कारण नहीं हुई थी, बल्कि उसका गला घोंटा गया था। पुलिस जांच में पति शंकर की भूमिका सामने आई और हत्या के पीछे रची गई साजिश की कड़ियां जुड़ती चली गईं।

नौकर को कर्ज चुकाने के लिए दिया लालच

जांच के अनुसार, शंकर ने अपनी टैंट की दुकान पर काम करने वाले मोनू निवासी उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर पत्नी की हत्या की योजना बनाई थी। मोनू पर कर्ज था और इसी का फायदा उठाकर उसे एक लाख रुपये में हत्या की सुपारी देने की बात तय हुई थी।

अभियोजन के अनुसार, 10 दिसंबर की सुबह शंकर और मोनू ने मिलकर रितु का गला घोंट दिया। बाद में घटना को सीढ़ियों से गिरने की कहानी के रूप में पेश करने की कोशिश की गई, लेकिन जांच में सामने आए तथ्यों और आरोपी के कबूलनामे ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।

करीब पांच साल से अदालत में चल रहे इस मामले में अब फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पति शंकर को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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