दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में नर्मदा नदी के तट पर स्थित करबला घाट पर बने अवैध रूप से पत्थर के चबूतरे को नगर पालिका द्वारा हटाए जाने के बाद क्षेत्र में भारी हड़कंप मच गया। इस कार्रवाई के विरोध में स्थानीय मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोग नगर पालिका कार्यालय पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए, जिसके बाद समझाइश देकर मामले को शांत कराया गया।
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दरअसल शुक्रवार दोपहर प्रशासन और नगर पालिका को सूचना मिली थी कि करबला घाट पर अवैध रूप से एक निर्माण किया गया है। अधिकारियों के निर्देश पर नगर पालिका की अतिक्रमण रोधी टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इस अवैध निर्माण को हटा दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही मुस्लिम समाज के लोग आक्रोशित हो गए और नगर पालिका परिसर का घेराव कर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग करने लगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कार्रवाई के दौरान वहां रखी चादर को भी जलाया गया है।
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मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए नगर पालिका सीएमओ वैभव देशमुख ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। माननीय हाईकोर्ट के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि नदी किनारे के कैचमेंट एरिया में किसी भी प्रकार का नया या अवैध निर्माण नहीं किया जा सकता। सीएमओ ने चादर जलाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि नगर पालिका के किसी भी कर्मचारी द्वारा ऐसा कोई कृत्य नहीं किया गया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त समझाइश के बाद आखिरकार प्रदर्शनकारी शांत हुए और मामला नियंत्रण में आया।
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