चंडीगढ़। महिला आरक्षण बिल को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बहस का असर अब जमीनी स्तर की राजनीति में साफ दिखाई देने लगा है। खासकर निकाय चुनावों में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने महिला उम्मीदवारों को टिकट देने में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले समय में महिला नेतृत्व सिर्फ राजनीतिक घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सत्ता ढांचे का अहम हिस्सा बनेगा।


भाजपा ने सात निकायों—नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका—में कुल टिकटों में से लगभग 40.7 फीसदी महिलाओं को दिए हैं। वहीं कांग्रेस ने अब तक घोषित सीटों में महिलाओं को करीब 60 फीसदी तक प्रतिनिधित्व दिया है।


महिला भागीदारी में बढ़ोतरी, चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव
संसद में महिला आरक्षण बिल को लेकर चर्चा तेज होने के बाद दोनों प्रमुख दलों पर यह दबाव था कि वे निकाय चुनावों में महिला उम्मीदवारों को कितनी प्राथमिकता देते हैं। इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों ने टिकट वितरण में महिलाओं को प्रमुख स्थान देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि अब चुनावी रणनीति में महिला मतदाता के साथ-साथ महिला उम्मीदवार भी केंद्र में हैं।
भाजपा ने अब तक 117 में से 47 सीटों पर महिलाओं को मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने अपने घोषित 45 टिकटों में से 27 महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है। हालांकि कांग्रेस ने अभी कई जिलों में टिकटों की घोषणा नहीं की है, जिससे अंतिम आंकड़े बदल सकते हैं।


कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र ने कहा कि बाकी उम्मीदवारों की घोषणा 25 तारीख तक कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि स्थानीय विधायक और जिला अध्यक्षों को अपने स्तर पर उम्मीदवार तय करने की जिम्मेदारी दी गई है।


जिलावार महिलाओं को मिले टिकटों का ब्योरा
भाजपा ने अंबाला में 20 में से 9, रेवाड़ी में 32 में से 13, सांपला में 16 में से 6, पंचकूला में 20 में से 7 और सोनीपत में 22 में से 9 महिलाओं को टिकट दिया है। इसके अलावा नगर पालिका और नगर परिषद की 4 सीटों में से 2 और मेयर पद की 3 में से 1 सीट पर महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा गया है।
कांग्रेस ने भी कई जगह महिलाओं को प्राथमिकता दी है। पंचकूला में 18 में से 6, अंबाला में 20 में से 8 और सोनीपत में 18 में से 9 महिलाओं को टिकट दिया गया है। मेयर पद की 3 में से 2 सीटों और नगर परिषद/नगर पालिका की 2 में से 2 सीटों पर महिला उम्मीदवार उतारे गए हैं।


राजनीति में महिला नेतृत्व को नई दिशा
इस बार के निकाय चुनावों में महिलाओं की भागीदारी केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं दिख रही है, बल्कि यह दोनों दलों की रणनीतिक प्राथमिकताओं का हिस्सा बन चुकी है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह रुझान आने वाले चुनावों में महिला नेतृत्व को और मजबूत आधार दे सकता है।


कांग्रेस 26 अप्रैल को जारी करेगी घोषणा पत्र
कांग्रेस 26 अप्रैल को चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में शाम 5 बजे निकाय चुनावों का घोषणा पत्र जारी करेगी। इसमें शहरों की सफाई व्यवस्था, पार्कों का विकास, पेयजल, स्वच्छता, सड़क और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी गई है।
इसके साथ ही नगर निगमों में कथित घोटालों की जांच का मुद्दा भी शामिल किया गया है। कांग्रेस ने सत्ता में आने पर निष्पक्ष जांच का वादा किया है। घोषणा पत्र समिति की अध्यक्ष विधायक गीता भुक्कल सहित सात सदस्यों ने जनता से सुझाव लेकर इसे तैयार किया है। कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।