Lalluram Lifestyle Desk. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अच्छी और गहरी नींद लेना कई लोगों के लिए चुनौती बन गया है। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल, अनियमित दिनचर्या, काम का बढ़ता दबाव, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी जैसी आदतें नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं।

कई लोग 7-8 घंटे की नींद लेने के बावजूद सुबह उठने पर थकान, सुस्ती और ऊर्जा की कमी महसूस करते हैं। इसका कारण अक्सर खराब स्लीप क्वालिटी होती है। लंबे समय तक नींद पूरी न होना या बार-बार नींद टूटना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है। ऐसे में संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर नींद की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।

अच्छी नींद के लिए फायदेमंद हैं ये फूड्स

बादाम और अखरोट
बादाम और अखरोट में मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं, जो मांसपेशियों को आराम देने और शरीर को रिलैक्स करने में मदद कर सकते हैं। इन्हें रात के समय सीमित मात्रा में खाना फायदेमंद माना जाता है।

दूध
गुनगुना दूध लंबे समय से बेहतर नींद के लिए घरेलू उपाय माना जाता है। इसमें मौजूद ट्रिप्टोफैन और कैल्शियम शरीर को आराम महसूस कराने और नींद से जुड़े हार्मोन के निर्माण में सहायक हो सकते हैं।

केला
केला पोटैशियम और मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है। ये पोषक तत्व मांसपेशियों को रिलैक्स करने में मदद करते हैं, जिससे शरीर को आराम मिलता है और अच्छी नींद आने में सहायता मिल सकती है।

ओट्स
ओट्स में फाइबर के साथ ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो शरीर को शांत महसूस कराने में मदद कर सकते हैं। रात के हल्के भोजन या स्नैक के रूप में इसका सेवन एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

कीवी और चेरी
कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि कीवी और चेरी जैसे फलों का सेवन नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। इनमें ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर की स्लीप साइकिल को सपोर्ट कर सकते हैं।

बेहतर नींद के लिए अपनाएं ये आदतें

1-रोजाना एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें।
2-सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी जैसी स्क्रीन से दूरी बनाएं।
3-शाम के बाद चाय, कॉफी और कैफीन युक्त पेय का अधिक सेवन करने से बचें।
4-दिन में नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज या वॉक करें, लेकिन सोने से ठीक पहले भारी व्यायाम न करें।
5-रात का भोजन हल्का और संतुलित रखें तथा सोने से तुरंत पहले भारी भोजन करने से बचें।
6-बेडरूम का वातावरण शांत, साफ और आरामदायक रखें ताकि शरीर और दिमाग को आराम मिल सके।

कब लें डॉक्टर की सलाह?

अगर कई हफ्तों तक लगातार नींद न आना, रात में बार-बार जागना, तेज खर्राटे आना, सांस रुकने जैसी समस्या महसूस होना या पर्याप्त नींद लेने के बाद भी दिनभर थकान बनी रहे, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर या स्लीप विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि इसके पीछे कोई चिकित्सीय कारण भी हो सकता है।

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