रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सशस्त्र बलों की अद्वितीय वीरता और सामर्थ्य को पूरी दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि देश अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

दिल्ली छावनी स्थित बेस अस्पताल में आयोजित ‘सिंदूर महारक्तदान यात्रा’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत पर बुरी नजर डालने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों और उनके हैंडलरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भारतीय रक्षा बलों की सराहना की।

ऑपरेशन सिंदूर ने दिया कड़ा संदेश

राजनाथ सिंह ने कहा कि मई 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर देश की सुरक्षा नीति और सैन्य क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अभियान ने यह संदेश दिया कि भारत अपने नागरिकों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किसी भी चुनौती का मजबूती से सामना करेगा।

2047 तक विकसित और संवेदनशील भारत का लक्ष्य

रक्षा मंत्री ने कहा कि जब भारत 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब देश का लक्ष्य केवल विकसित अर्थव्यवस्था बनना नहीं होना चाहिए। इसके साथ एक ऐसे करुणामय और सुरक्षित समाज का निर्माण भी जरूरी है, जहां जरूरतमंद लोगों को समय पर रक्त जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

रक्तदान को बनाएं जन-अभियान

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रक्तदान शिविर में करीब 1,000 पहलवानों और एथलीटों ने हिस्सा लिया। राजनाथ सिंह ने रक्तदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि उनके द्वारा दिया गया रक्त भविष्य में जरूरतमंद सैनिकों और उनके परिवारों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है।

उन्होंने रक्तदान को ‘जीवदान’ और ‘महादान’ बताते हुए कहा कि चिकित्सा विज्ञान ने भले ही बड़ी प्रगति की हो, लेकिन मानव रक्त का अभी तक कोई कृत्रिम विकल्प विकसित नहीं हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे रक्तदान को केवल एक अवसर नहीं, बल्कि सेवा और राष्ट्रनिर्माण की संस्कृति बनाएं।

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