उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा नगरपालिका के 23 नंबर वार्ड की पूर्व तृणमूल पार्षद के पति की कथित तौर पर पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मौत के बाद भारी तनाव का माहौल है. परिवार ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस हिरासत में अपनी जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान बिरजू कुमार केवट के रूप में हुई है.
पश्चिम बंगाल के कांचरापाड़ा इलाके से एक गंभीर मामला सामने आया है. TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने पुलिस और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.
बिरजू को एक्सटॉर्शन और भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. मृतक के परिवार का दावा है कि जब उनकी पत्नी उनसे मिलने थाने पहुंची थीं, तब बिरजू की हालत पूरी तरह से सामान्य थी. शनिवार सुबह अचानक उनके परिवार को बिरजू की मौत की खबर दी गई. परिजनों ने पुलिस पर बेरहमी से पीटने और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है. इस घटना के बाद राज्य में राजनीतिक बवाल मच गया है.
वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने टीएमसी नेता की पुलिस कस्टडी में मौत के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अगर पुलिस कस्टडी में किसी की मौत होती है, तो यह गलत है. और ऐसे मामले में एफआईआर भी दर्ज होनी ही चाहिए.
उन्होंने आगे अभिषेक बनर्जी की सुप्रीम कोर्ट में अपील पर कहा कि अगर किसी को डॉक्टर ने यह सलाह दी है कि आंख के ऑपरेशन के लिए विदेश जाना चाहिए और ऐसी सुविधा भारत में उपलब्ध नहीं है, तो उन्हें जरूर जाना चाहिए.
मृतक का नाम बिरजू केवट है, उनकी पत्नी कांचरापाड़ा नगर पालिका के वार्ड नंबर 23 की पूर्व तृणमूल पार्षद जेनी शर्मा केवट है. पूर्व तृणमूल पार्षद जेनी शर्मा केवट का आरोप है कि पुलिस ने लॉकअप में उनकी पिटाई की है, जिससे मौत हुई है.
इस पूरी घटना को लेकर पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है. पत्नी का यह भी दावा है कि बिरजू के शरीर पर चोट और खून के गहरे निशान थे. उन्हें रस्सी से बांधकर पीटा गया था.
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए हैं. अपने पोस्ट में लिखा, ‘बिरजू केओट. उनका नाम एफआईआर में नहीं था, फिर भी उन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस ने पकड़ा.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


