Business Desk- Indian Oil Stock Details : सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) के पास एक महीने से ज़्यादा समय के लिए पर्याप्त कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) का स्टॉक मौजूद है. कंपनी ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बावजूद, देश में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं होगी.

हालांकि, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ मार्ग के बंद होने से LPG के स्टॉक में थोड़ी गिरावट आई है; फिर भी, पूरे देश में इसकी आपूर्ति को प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जा रहा है. यह मार्ग भारत के कुल ऊर्जा आयात का 50% और खाड़ी देशों से आने वाली LPG आपूर्ति का 90% हिस्सा है. फिलहाल इन आपूर्तियों में रुकावटें आ रही हैं.
इस बीच, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में कंपनी का शुद्ध लाभ 81% बढ़ गया. यह पिछले वर्ष की इसी तिमाही में दर्ज 8,367.63 करोड़ से बढ़कर 15,176.08 करोड़ हो गया.
इंडोनेशिया, नाइजीरिया और ओमान से गैस की खरीद
IOCL के निदेशक (वित्त) अनुज जैन ने कहा, “हमारे पास कच्चे तेल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिए कई तरह के स्रोत उपलब्ध हैं. मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद से, हमारी सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं.”
उन्होंने स्वीकार किया कि LPG की आपूर्ति में कुछ रुकावटें आई थीं, लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी ने तब से LPG आयात के लिए अपने स्रोतों में विविधता लाई है. खाड़ी देशों से गैस की आपूर्ति में रुकावट आने के बाद, IOC ने इंडोनेशिया, नाइजीरिया, अंगोला और ओमान जैसे देशों से ‘स्पॉट प्रोक्योरमेंट’ (तत्काल खरीद) शुरू कर दिया है, जिससे पूरे देश में LPG की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सके.
यह ध्यान देने योग्य है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो ओमान की खाड़ी और फ़ारसी खाड़ी के बीच स्थित है. दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री जलमार्ग है. कच्चे तेल का लगभग 20% वैश्विक व्यापार इसी संकरे मार्ग से होकर गुजरता है.
शेयरधारकों को 1.25 का लाभांश (Dividend) मिलेगा
IOCL ने अपने वित्तीय परिणाम जारी किए. रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 (Q4FY26) की चौथी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट 81% बढ़कर 15,176.08 करोड़ हो गया. पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में, कंपनी ने 8,367.63 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया था.
कमाई के नतीजों के साथ-साथ, कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 12.5% के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है. इस प्रस्ताव के तहत, शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर इक्विटी शेयर पर 1.25 का डिविडेंड मिलेगा, जिसकी फेस वैल्यू 10 रुपए है.
IOC रिफाइनरी विस्तार पर 32,700 करोड़ खर्च करेगा
मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए, IOC ने 32,700 करोड़ की पूंजीगत खर्च (Capex) योजना बनाई है. पिछले वित्त वर्ष (2025-26) में, यह खर्च 31,401 करोड़ था. कंपनी अपनी रिफ़ाइनरियों की क्षमता बढ़ाने पर सक्रिय रूप से काम कर रही है.
पानीपत रिफ़ाइनरी: इसकी क्षमता 15 MMTPA (मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष) से बढ़ाकर 25 MMTPA की जा रही है. इस प्रोजेक्ट के दिसंबर 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य है.
गुजरात रिफाइनरी: 19,000 करोड़ की लागत से इसकी क्षमता 13.7 MMTPA से बढ़ाकर 18 MMTPA की जा रही है.
बरौनी रिफाइनरी: इसकी क्षमता भी 6 MMTPA से बढ़ाकर 9 MMTPA की जा रही है. इन सभी प्रोजेक्ट्स के दिसंबर 2026 के आसपास पूरे होने की उम्मीद है.

